प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में अमेरिकी कंपनी Micron Technology की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस अवसर को भारत के सेमीकंडक्टर इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। पीएम मोदी ने इसे टेक्नोलॉजी लीडरशिप की दिशा में भारत का महत्वपूर्ण कदम बताया।
गुजरात के साणंद में स्थापित यह प्लांट भारत की चिप निर्माण क्षमता को मजबूती देने की दिशा में बड़ा निवेश है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद अब भारत हार्डवेयर सेक्टर में भी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि माइक्रोन की यह फैसिलिटी भारत और अमेरिका के बीच गहरे सहयोग और रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से एआई और चिप तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया इन दोनों तकनीकों की सप्लाई चेन को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र—भारत और अमेरिका—इस दिशा में मिलकर प्रयास कर रहे हैं। एआई समिट के दौरान दोनों देशों के बीच हुए समझौते इसी साझेदारी को और मजबूत करते हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 20वीं सदी की औद्योगिक क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली शताब्दी में जो देश फैक्ट्री, मशीन और मास प्रोडक्शन में आगे थे, उन्होंने तेजी से तरक्की की। लेकिन 21वीं सदी एआई रिवोल्यूशन की सदी है और सेमीकंडक्टर इस बदलाव का सबसे बड़ा सेतु है। उन्होंने कहा, “अगर पिछली शताब्दी का रेगुलेटर ऑयल था, तो इस शताब्दी का रेगुलेटर माइक्रोचिप होगा।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन की घोषणा की। सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 10 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा चुकी है। माइक्रोन के अलावा तीन अन्य परियोजनाएं भी जल्द उत्पादन शुरू करने वाली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पैन-इंडिया मॉडल पर आधारित होगा।

गुजरात में साणंद के अलावा धोलेरा में भी बड़े स्तर पर सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा में नई फैसिलिटी की नींव रखी गई है। असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर काम शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए तैयार है।
उन्होंने वैश्विक निवेशकों को संदेश देते हुए कहा, “India is ready, India is reliable and India delivers.” उनका यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि भारत वैश्विक टेक सप्लाई चेन में अपनी मजबूत भूमिका स्थापित करना चाहता है।
माइक्रोन की इस ATMP फैसिलिटी से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है और आने वाले समय में इसके विस्तार के साथ रोजगार के और अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी गति देगी।
भारत लंबे समय से सेमीकंडक्टर आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में घरेलू स्तर पर उत्पादन और पैकेजिंग की शुरुआत देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक चिप निर्माण हब के रूप में विकसित करना है।
गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन भारत के टेक्नोलॉजी इतिहास में एक नई शुरुआत है। पीएम मोदी के अनुसार, सॉफ्टवेयर के बाद अब हार्डवेयर में भी भारत अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। सेमीकंडक्टर मिशन और पैन-इंडिया इकोसिस्टम के जरिए भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका को और सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।