रंगों और मिठास के त्योहार होली से पहले बाजारों में गुझिया, लड्डू, बर्फी, पेड़ा और नमकीन की बिक्री चरम पर है। बढ़ती मांग के साथ मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में लखनऊ समेत प्रदेश भर में Food Safety and Drug Administration (FSDA) ने सख्त अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है।
20 से 28 फरवरी तक चले विशेष अभियान में हजारों किलो संदिग्ध खोया और मिठाइयां नष्ट की गईं। इसके अलावा 4.32 लाख लीटर से अधिक खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 6.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच के दौरान कुछ ब्रांडेड मिठाइयां भी एक्सपायरी डेट पार पाई गईं, जिन्हें तत्काल सील कर नष्ट कराया गया।
मांग बढ़ी तो मिलावट भी बढ़ी
होली पर शुद्ध खोया, दूध और घी की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इनकी कीमत अधिक होने के कारण कुछ कारोबारी लागत घटाने के लिए सिंथेटिक मावा, स्टार्च, वनस्पति घी और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल कर लेते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावटी मावा और रंगों का सेवन पेट दर्द, उल्टी, दस्त, एलर्जी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। लंबे समय तक ऐसे उत्पाद खाने से लीवर और किडनी पर भी असर पड़ सकता है।
ऐसे पहचानें असली और नकली मावा
गुझिया की जान उसका मावा होता है। असली मावा हल्का दानेदार, दूध जैसी खुशबू वाला और दबाने पर मुलायम होता है। अगर मावा बहुत ज्यादा सफेद, रबड़ जैसा या अजीब गंध वाला लगे तो सावधान हो जाएं।
घर पर जांच के लिए मावे का छोटा टुकड़ा हथेली पर रगड़ें। यदि झाग जैसी परत बने या साबुन जैसी गंध आए तो मिलावट की आशंका हो सकती है। थोड़ा मावा पानी में उबालकर देखें—अधिक तलछट या रंग बदलना भी संदिग्ध संकेत है।

मिठाई खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
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रंग पर ध्यान दें: बहुत ज्यादा चमकीले और आंखों को चुभने वाले रंग कृत्रिम हो सकते हैं। प्राकृतिक रंग हल्के और संतुलित दिखते हैं।
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चांदी का वर्क जांचें: असली वर्क बेहद पतला और हल्का होता है। अगर वर्क मोटा, कड़ा या आसानी से अलग हो जाए तो उसमें एल्युमिनियम की मिलावट हो सकती है।
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लाइसेंस देखें: दुकान पर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) का लाइसेंस नंबर प्रदर्शित होना चाहिए।
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एक्सपायरी डेट जांचें: पैक्ड मिठाई लेते समय निर्माण तिथि और एक्सपायरी जरूर देखें।
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बहुत सस्ती मिठाई से बचें: असली मिठाई की एक तय लागत होती है। बाजार भाव से बहुत कम कीमत गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
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बिल जरूर लें: किसी भी शिकायत की स्थिति में बिल काम आएगा।
तेल और नमकीन पर भी नजर
FSDA टीम ने मिलावटी और बिना मानक वाले खाद्य तेल की बड़ी खेप पकड़ी है। कई जगहों पर स्टॉक बिना वैध दस्तावेज के पाया गया। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान नमकीन और तले उत्पादों की मांग बढ़ती है, इसलिए तेल की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है।
शिकायत के लिए जारी नंबर
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है। शिकायत मिलने पर सैंपल लेकर लैब जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
साफ-सफाई पर भी ध्यान
अधिकारियों ने कहा कि खरीदारी करते समय दुकान की साफ-सफाई भी देखें। खुली ट्रे में लंबे समय से रखी मिठाई न लें। ढंके हुए और ताजे उत्पादों को प्राथमिकता दें।
त्योहार की खुशी स्वास्थ्य से बड़ी नहीं है। थोड़ी सावधानी से आप अपने परिवार को फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों से बचा सकते हैं।
होली की मिठास तभी बनी रहेगी, जब मिठाई शुद्ध और सुरक्षित हो। FSDA की सख्ती से बाजार में मिलावटखोरों पर दबाव जरूर बना है, लेकिन उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहना होगा। खरीदारी से पहले रंग, गंध, लाइसेंस और एक्सपायरी जरूर जांचें—तभी त्योहार की खुशियां बिना किसी परेशानी के मनाई जा सकेंगी।