उत्तर प्रदेश: के Gonda में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission के तहत आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन वेंकटाचार्य क्लब परिसर में किया गया, जहां महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री भी लगाई गई। इस मौके पर 4006 स्वयं सहायता समूहों को कुल 43.2 करोड़ रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद करना है।
हजारों समूहों को मिला वित्तीय सहयोग
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक निवेश निधि और रिवॉल्विंग फंड के तहत समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, सामुदायिक निवेश निधि के अंतर्गत 2584 स्वयं सहायता समूहों को सहायता दी गई, जबकि रिवॉल्विंग फंड के तहत 1422 समूहों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम में मंडलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्ष Garima Bhushan और गोंडा की जिलाधिकारी Priyanka Niranjan मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
महिलाओं के उत्पादों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई से बने कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खाद्य सामग्री और सजावटी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
मुख्य अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और कई उत्पादों की खरीदारी भी की। उन्होंने महिलाओं के हुनर और मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मंडलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्ष गरिमा भूषण ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। इन समूहों के जरिए महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं बल्कि समाज में अपनी पहचान भी बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है और वे आत्मनिर्भर बनती हैं।
प्रशासन का लक्ष्य—बढ़े महिलाओं की आय
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि इन उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाया जाए, जिससे महिलाओं की आय बढ़ सके और उनका आर्थिक तथा सामाजिक सशक्तिकरण हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे अपने छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर तक ले जा सकें।
ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी Ankita Jain ने बताया कि जिले की कई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पाद अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे उनके उत्पादों की बिक्री पूरे देश में हो सके।
सीडीओ ने यह भी कहा कि जो फंड आज समूहों को दिया गया है, उसका उपयोग महिलाएं अपने व्यवसाय को विस्तार देने में करेंगी। इससे उनके उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।