लखनऊ/गोरखपुर/गोंडा/देवरिया/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद हालात असामान्य हो गए हैं। Nyara Energy द्वारा पेट्रोल के दाम ₹5.30 और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए जाने के बाद पंपों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगह तो पेट्रोल खत्म होने की भी खबर सामने आई है। लखनऊ के कम से कम तीन पंपों पर पेट्रोल खत्म होने की पुष्टि हुई, जबकि देवरिया, गोंडा, सुल्तानपुर और प्रयागराज में भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
डिब्बों और भगोनों में भरवाया पेट्रोल
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग सिर्फ अपनी गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि डिब्बों, बोतलों और बड़े-बड़े बर्तनों में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे। देवरिया में एक युवक ट्रॉली में सात भगोने लादकर पेट्रोल पंप पर पहुंचा और उन्हें भरवाकर ले गया।
गोरखपुर में भी एक युवक बाइक पर अतिरिक्त टंकी बांधकर पेट्रोल लेने पहुंचा और दोनों टंकियां फुल कराने की मांग की। सुल्तानपुर में कई लोग ड्रम और प्लास्टिक के कंटेनर लेकर लाइन में खड़े नजर आए।
श्रावस्ती में हाईवे जाम
श्रावस्ती में प्रशासन ने डिब्बों में पेट्रोल भरने पर रोक लगा दी। इससे नाराज किसानों ने दोपहर में नेशनल हाईवे जाम कर दिया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। यह घटना इस बात का संकेत है कि हालात कितने संवेदनशील हो चुके हैं।
कीमत बढ़ने के बाद क्या हुए नए रेट?
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लखनऊ में पेट्रोल ₹100.15 प्रति लीटर और डीजल ₹91.05 प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले पेट्रोल ₹94.84 और डीजल ₹88.05 प्रति लीटर मिल रहा था। अचानक हुए इस बदलाव ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

अफवाहों ने बढ़ाई समस्या
तेल कंपनियों और प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में किसी तरह की कमी नहीं है। यूपी में तेल कंपनियों के कॉर्डिनेटर संजय भंडारी ने बताया कि राज्य में लगभग 22 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अतिरिक्त तेल न खरीदें। उनके मुताबिक, अचानक बढ़ी भीड़ का मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैली गलत खबरें हैं, जिससे लोगों में घबराहट पैदा हुई।
नेताओं की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस मुद्दे पर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में जनता को सिर्फ लाइन में लगना ही नसीब हो रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब जरूरत हो तभी पेट्रोल-डीजल खरीदें और अनावश्यक रूप से लाइन न लगाएं।
पेट्रोल पंप मालिक भी हैरान
प्रदेश में करीब 13,168 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। पंप मालिकों का कहना है कि अचानक 3 से 4 गुना तक भीड़ बढ़ गई है, जिससे सप्लाई और मैनेजमेंट पर दबाव पड़ रहा है।
उनके अनुसार, उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि अचानक इतनी भीड़ क्यों उमड़ पड़ी, जबकि सप्लाई में कोई बड़ी समस्या नहीं है।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
फिलहाल इस बात को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ेंगे या नहीं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
यूपी में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जो हालात बने हैं, वे काफी हद तक अफवाहों और घबराहट का नतीजा हैं। हालांकि सप्लाई पर्याप्त होने के बावजूद लोगों का व्यवहार स्थिति को और बिगाड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की अपील मानते हुए संयम बरतना ही सबसे बेहतर विकल्प है।