रामनवमी शोभायात्रा में दिखा पहलगाम हमले का दर्द: जयपुर में सोने-चांदी से सजे श्रीराम, अनोखी झांकियों ने खींचा ध्यान

राजस्थान: में Ram Navami के अवसर पर गुरुवार को भक्ति, आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजधानी जयपुर से लेकर जोधपुर, जैसलमेर और सवाई माधोपुर तक शोभायात्राओं, झांकियों और धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे प्रदेश को राममय बना दिया।

जयपुर में भव्य आयोजन, सोने-चांदी से सजे भगवान राम

जयपुर के प्रसिद्ध Govind Dev Ji Temple में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया, वहीं चांदपोल बाजार स्थित Shri Ramchandra Ji Temple में भगवान राम का राजसी श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा।

भगवान को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया और पहली बार उन्हें विशेष रूप से बनाई गई स्वर्ण-रजत चरण पादुकाएं पहनाई गईं। यह परंपरा दक्षिण भारत के Venkateswara Temple से प्रेरित बताई गई।

दोपहर 12 बजे जन्माभिषेक के दौरान 500 किलो से अधिक दूध, गुलाब, केसर, इत्र और केवड़ा मिलाकर भगवान का अभिषेक किया गया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावुक और दिव्य रहा।

शोभायात्रा में 32 झांकियां, अनोखा गणेश दरबार

जयपुर में सूरजपोल गेट से निकली भव्य शोभायात्रा में करीब 32 झांकियां शामिल हुईं। इनमें धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक संदेशों का अनूठा संगम देखने को मिला।

एक खास झांकी में रथ पर 5 गणेशजी विराजमान थे, जहां एक गणेशजी तबला बजाते, तो दूसरा ढोल बजाते नजर आया। इस अनोखी प्रस्तुति ने लोगों का खास ध्यान खींचा।

इसके अलावा भगवान राम के वनवास, लंका विजय और हनुमानजी के किष्किंधा पर्वत से जुड़े प्रसंगों को भी जीवंत रूप में दर्शाया गया।

जोधपुर में पहलगाम हमले की झांकी

जोधपुर की शोभायात्रा इस बार खास चर्चा में रही। यहां एक झांकी में Pahalgam Terror Attack को दर्शाया गया, जिसमें आतंकी हमले का दृश्य दिखाया गया।

इस झांकी में एक आतंकवादी द्वारा गोलीबारी और एक महिला के रोने का दृश्य दिखाया गया, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। आयोजकों का कहना था कि इस झांकी के माध्यम से समाज को जागरूक करने और देशभक्ति का संदेश देने की कोशिश की गई।

अन्य शहरों में भी दिखा उत्साह

सवाई माधोपुर में मंत्री Kirodi Lal Meena ने श्रीराम दरबार की आरती कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

जैसलमेर में शोभायात्रा का भव्य स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया गया। वहीं जालोर में 14 ट्रैक्टरों पर झांकियां सजाई गईं, जिनमें भगवान शिव के रूप में एक बाल कलाकार आकर्षण का केंद्र रहा।

कुछ स्थानों पर सामाजिक मुद्दों को भी झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया, जिससे धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनजागरण का संदेश भी दिया गया।

आस्था और संदेश का संगम

रामनवमी का यह उत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को भी शामिल किया गया।

जहां एक ओर भगवान राम के आदर्शों को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर वर्तमान घटनाओं को झांकियों के जरिए प्रस्तुत कर समाज को सोचने पर मजबूर किया गया।

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