दिल्ली मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर! भाजपा के प्रवेश वाही बने मेयर, 147 वोटों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ

राजधानी दिल्ली: की सियासत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार वापसी करते हुए अपने वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया महापौर चुना है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जहीर को भारी मतों से हराकर यह जीत दर्ज की।

147 वोटों से ऐतिहासिक जीत

दिल्ली नगर निगम (MCD) के इस अहम चुनाव में कुल 165 सांसदों, विधायकों और पार्षदों ने मतदान किया। सभी वोट वैध पाए गए। परिणामों के अनुसार प्रवेश वाही को 156 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जहीर को केवल 9 वोट ही प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 147 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया।

यह जीत भाजपा के लिए न केवल संख्या के लिहाज से बड़ी है, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त के रूप में भी देखी जा रही है।

उपमहापौर पद पर भी भाजपा का कब्जा

मेयर चुनाव के साथ-साथ उपमहापौर पद पर भी भाजपा ने कब्जा जमाया। मोनिका पंत निर्विरोध उपमहापौर चुनी गईं। इस पद के लिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि विपक्ष ने कोई मजबूत चुनौती पेश नहीं की।

AAP का रणनीतिक बहिष्कार

दिल्ली की राजनीति में तीसरी बड़ी पार्टी आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव से दूरी बनाए रखी। पार्टी के सांसद, विधायक और पार्षद मतदान के दौरान सदन में उपस्थित नहीं रहे। AAP ने इसे अपनी रणनीतिक चाल बताते हुए कहा कि वह भाजपा को काम करने का पूरा अवसर देना चाहती है ताकि जनता उसके प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सके।

हालांकि, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह स्थायी समिति के चुनाव में भाग लेगी, जहां उसके एक सदस्य के चुने जाने की संभावना है।

स्थायी समिति चुनाव भी लगभग तय

स्थायी समिति के तीन पदों के लिए कुल तीन ही नामांकन दाखिल हुए हैं। इनमें दो भाजपा और एक आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शामिल हैं। ऐसे में इन तीनों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

कांग्रेस की कमजोर स्थिति

इस चुनाव में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई। पार्टी का उम्मीदवार जहीर केवल 9 वोट ही जुटा सका, जो दिल्ली में कांग्रेस की घटती पकड़ को दर्शाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका है, खासकर तब जब वह राजधानी की राजनीति में खुद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक संदेश और आगे की राह

यह चुनाव परिणाम कई बड़े राजनीतिक संकेत देता है।

  • भाजपा की मजबूत संगठनात्मक पकड़
  • विपक्ष की बिखरी रणनीति
  • AAP का अलग रास्ता अपनाना

MCD में अब भाजपा के पास सत्ता की बागडोर है, जिससे उसके कामकाज पर जनता की नजरें टिकी रहेंगी।

AAP नेता अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को अब अपने वादों पर खरा उतरना होगा और जनता के मुद्दों पर काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने सोच-समझकर चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है ताकि भाजपा की जवाबदेही तय की जा सके।

दिल्ली मेयर चुनाव 2026 के नतीजों ने राजधानी की राजनीति में नई दिशा तय कर दी है। भाजपा की प्रचंड जीत और AAP की रणनीतिक दूरी ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के सामने है—जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और दिल्ली के विकास को नई गति देना।

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