राजधानी: लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित “श्रमवीर गौरव समारोह 2026” में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्यक्रम का आयोजन Indira Gandhi Pratishthan में किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि एक समय ऐसा था जब श्रमिक दूसरों के लिए “इज्जत घर” बनाते थे, लेकिन उनकी खुद की इज्जत सड़कों पर नजर आती थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और श्रमिकों को समाज और सरकार दोनों में उचित सम्मान मिल रहा है।
श्रमिकों के लिए योजनाओं का लोकार्पण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने श्रमिकों को टूल किट और प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित भी किया। इस मौके पर उन्होंने अटल आवासीय विद्यालयों में चयनित छात्रों और उनके अभिभावकों को भी बधाई दी।
सीएम योगी ने कहा कि श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है—न वह रुकता है, न थकता है और न ही हार मानता है। ऐसे में उसका सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कोरोना काल का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय जब कई लोग घरों में थे, तब सरकार ने श्रमिकों के लिए 14 हजार बसों की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया। साथ ही मुफ्त भोजन और रहने की व्यवस्था भी की गई।
उन्होंने कहा कि आज भी केंद्र सरकार द्वारा गरीबों और श्रमिकों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।

काम के बदले दाम का वादा
सीएम योगी ने साफ कहा कि अब उत्तर प्रदेश में “काम के बदले दाम” सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई श्रमिकों को मेहनताना देने में आनाकानी करता है, तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 80 लाख लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, औद्योगिक श्रमिकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।
रोजगार और उद्योगों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में राज्य में 18 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे 65 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश देश का “ग्रोथ इंजन” बन चुका है।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने भी श्रमिकों के योगदान की सराहना की। डिप्टी सीएम ने कहा कि आज श्रमिकों की इज्जत की जिम्मेदारी सरकार ने अपने ऊपर ली है और किसी भी समस्या के लिए वे सीधे संपर्क कर सकते हैं।
श्रमिकों के सम्मान की नई तस्वीर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अब श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मजदूर का बेटा भी डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बन सके।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाया है और आने वाले समय में इसे और बेहतर किया जाएगा।
श्रमिक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश साफ है कि सरकार श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर है। योजनाओं और घोषणाओं के जरिए यह संकेत दिया गया है कि मजदूर अब केवल श्रम करने वाला नहीं, बल्कि विकास की मुख्य धुरी है। हालांकि, इन दावों का वास्तविक असर जमीन पर कितना दिखता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।