दिल्ली की 4 मंजिला बिल्डिंग बनी मौत का कुंड: AC ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग, डेढ़ साल के मासूम समेत 9 जिंदा जले

दिल्ली के विवेक विहार में भीषण आग, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

राष्ट्रीय: राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चार मंजिला रिहायशी बिल्डिंग में लगी भीषण आग में डेढ़ साल के मासूम समेत 9 लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कई शव बुरी तरह जल गए और उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग लगने की सूचना सुबह करीब 3:47 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 8 बजे आग पर काबू पाया गया।


AC ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट? जांच जारी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने से पहले तेज धमाके की आवाज सुनाई दी थी। कुछ लोगों का दावा है कि बिल्डिंग में लगे AC में ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। वहीं कुछ लोग शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह बता रहे हैं।

हालांकि अधिकारियों ने अभी आग लगने के असली कारण की पुष्टि नहीं की है। फॉरेंसिक टीम और बिजली विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है।


बिल्डिंग में फंसे लोगों को खिड़कियों से निकाला गया

आग इतनी तेजी से फैली कि लोग अपने फ्लैट्स में फंस गए। दमकल कर्मियों ने सीढ़ियां लगाकर खिड़कियों और बालकनी से लोगों को बाहर निकाला। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार करीब 10 से 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक व्यक्ति करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया है।


कई शव बुरी तरह जले, पहचान मुश्किल

स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि कई शव सिर्फ कंकाल में बदल गए। उन्होंने कहा कि कुछ मृतकों की पहचान केवल DNA टेस्ट के बाद ही हो सकेगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग के अलग-अलग फ्लोर से शव बरामद किए गए। पहले फ्लोर से एक शव, दूसरे फ्लोर से पांच शव और सीढ़ियों के पास तीन शव मिले। आशंका है कि लोग जान बचाने के लिए छत की ओर भागे थे, लेकिन धुएं और आग की चपेट में आ गए।


मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल

पुलिस ने मृतकों की प्रारंभिक पहचान कर ली है। दूसरे फ्लोर पर मिले शवों की पहचान अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, बेटे निशांत जैन, बहू आंचल जैन और डेढ़ साल के पोते आकाश जैन के रूप में हुई।

तीसरे फ्लोर पर नितिन जैन, उनकी पत्नी शैले जैन और बेटे सम्यक जैन मृत पाए गए। पहले फ्लोर से शिखा जैन का शव मिला, जबकि उनके पति नवीन जैन घायल हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।


बिल्डिंग के पिछले हिस्से में सबसे ज्यादा तबाही

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि बिल्डिंग के हर फ्लोर पर दो 4BHK फ्लैट थे। कुल आठ फ्लैट्स में से छह फ्लैट आग की चपेट में आ गए।

उन्होंने बताया कि आग बिल्डिंग के पीछे वाले हिस्से से शुरू हुई थी और वहीं सबसे ज्यादा तबाही हुई। खिड़कियों और बालकनी में लगी लोहे की ग्रिल और रॉड्स ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और मुश्किल बना दिया।


इलाके में मचा हड़कंप, लोगों की आंखों में डर

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। मौके पर मृतकों के परिजन, स्थानीय नेता और पुलिस अधिकारी पहुंचे।

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें बिल्डिंग से निकलती आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा है।


बढ़ती गर्मी और AC हादसे चिंता का कारण

दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच AC ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में गाजियाबाद और राजस्थान में भी आग के बड़े हादसे सामने आए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि AC का समय पर मेंटेनेंस, सही वायरिंग और ओवरलोडिंग से बचाव बेहद जरूरी है। छोटी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।

दिल्ली के विवेक विहार में हुआ यह हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। AC ब्लास्ट, शॉर्ट सर्किट और खराब सुरक्षा इंतजाम जैसी संभावित वजहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि आखिर इस दर्दनाक हादसे की असली वजह क्या थी।

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