मध्य प्रदेश: के सागर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। इलाज कराने अस्पताल पहुंची एक तीन साल की मासूम बच्ची अस्पताल परिसर के अंदर ही कथित दरिंदगी का शिकार हो गई। यह घटना सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) की है, जहां एक मरीज पर मासूम के साथ गलत हरकत करने का आरोप लगा है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बच्ची अपने परिवार के साथ इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल College के सर्जिकल वार्ड में भर्ती थी। मासूम की तबीयत खराब होने के कारण परिवार कई दिनों से अस्पताल में रह रहा था। बताया जा रहा है कि घटना के समय बच्ची वार्ड के पास बने बाथरूम में गई थी। उसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक अन्य मरीज भी उसके पीछे बाथरूम में घुस गया।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची के साथ गलत हरकत की। कुछ देर बाद जब बच्ची रोती हुई बाहर आई तो परिवार को घटना की जानकारी मिली। बच्ची की हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आरोपी की पहचान हो चुकी है, लेकिन घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा है।
सागर CSP ललित कुमार कश्यप ने मीडिया को बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कठोर कार्रवाई होगी।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। खासकर बच्चों और महिला मरीजों की सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

बताया जा रहा है कि अस्पताल के कई वार्डों में सुरक्षा गार्डों की संख्या बेहद कम है। कई जगह CCTV कैमरे या तो काम नहीं कर रहे या उनकी निगरानी पर्याप्त तरीके से नहीं होती। यही वजह है कि आरोपी बिना किसी डर के वार्ड और बाथरूम तक पहुंच गया।
घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिवारों में भी भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल के अंदर ही मरीज सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोग कहां जाएं।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं होगी, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली की भी जांच होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से लापरवाही देखने को मिलती रही है। कई बार अस्पतालों में चोरी, मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुधार नहीं किए जाते।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अस्पतालों में मासूम और कमजोर मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में हुई यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता भी है। मासूम बच्ची के साथ हुई कथित दरिंदगी ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी है।