उत्तर प्रदेश: की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार किया। राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेकर राजनीतिक हलकों में बड़ा संदेश दिया। वहीं समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय को भी मंत्री बनाकर भाजपा ने सियासी समीकरण साधने की कोशिश की है।
राजभवन में दोपहर से ही हलचल तेज हो गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और अंदर जाने वाली हर गाड़ी की गहन जांच की जा रही थी। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही शपथ ग्रहण शुरू हुआ, सबसे पहले भूपेंद्र चौधरी को बुलाया गया। उन्होंने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद मनोज पांडेय ने शपथ ग्रहण किया।
इसके अलावा सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। वहीं राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर कैबिनेट स्तर पर लाया गया। इस विस्तार में भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का पूरा प्रयास किया है। नए मंत्रियों में ब्राह्मण, ओबीसी और दलित वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। खासकर पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के नेताओं को शामिल कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि हर वर्ग और क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलेगा।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे थे। करीब 45 मिनट चली बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगी। इसके बाद रविवार को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
समारोह के दौरान भाजपा MLC हंसराज विश्वकर्मा बैंड-बाजे के साथ अपने आवास से राजभवन पहुंचे। उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। वहीं सपा की बागी विधायक पूजा पाल का नाम भी मंत्री बनने की चर्चाओं में था, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि काफी समय से मंत्रिमंडल विस्तार लंबित था और अब इसे पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार प्रदेश के विकास और बेहतर प्रशासन के लिए जरूरी था। वहीं मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि सरकार ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों का चयन किया है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने भी नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे सरकार और मजबूती से काम करेगी। राजभवन के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कई जगह मिठाइयां बांटी गईं और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
योगी सरकार में फिलहाल मुख्यमंत्री समेत कुल 54 मंत्री थे और छह पद खाली चल रहे थे। इस विस्तार के बाद सभी रिक्त पद भर दिए गए हैं। इससे पहले मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ था।
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस विस्तार के जरिए भाजपा ने न सिर्फ संगठन को मजबूत करने की कोशिश की है, बल्कि विपक्ष को भी बड़ा संदेश दिया है। खासकर मनोज पांडेय जैसे नेताओं को मंत्री बनाकर भाजपा ने सपा के भीतर भी हलचल बढ़ा दी है।