सिपाही के प्यार में बर्बाद हुई इंजीनियर बेटी! 2 शादियां तुड़वाईं, फिर IPL सट्टेबाजी में पकड़ी गई गर्लफ्रेंड

झांसी: झांसी में ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी मामले में गिरफ्तार युवती यशस्वी द्विवेदी और सिपाही रजत सिंह की लव स्टोरी अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। एक होमगार्ड की बेटी, जो पढ़ाई में तेज थी और पुलिस अफसर बनने का सपना देख रही थी, कैसे एक सिपाही के प्रेमजाल में फंसकर अपराध की दुनिया तक पहुंच गई—इस कहानी ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

यशस्वी की मां सुमन द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सिपाही रजत कुमार सिंह ने उनकी बेटी को झूठे प्यार में फंसाया, दो-दो शादियां तुड़वाईं और बाद में उसका इस्तेमाल करता रहा।

ऐसे शुरू हुई प्रेम कहानी

यशस्वी झांसी के छनियापुरा इलाके की रहने वाली है। उसके पिता देवेंद्र द्विवेदी होमगार्ड हैं। मां सुमन के मुताबिक, साल 2017 में उनके पति मिनर्वा चौकी में तैनात थे। वहीं सिपाही रजत कुमार सिंह भी पोस्टेड था।

रजत अक्सर गश्त के दौरान उनके घर आने लगा। कभी पानी पीने के बहाने तो कभी किसी काम का हवाला देकर वह घर पर रुक जाता था। उसी दौरान उसकी नजर 12वीं में पढ़ रही यशस्वी पर पड़ी और दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।

धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। परिवार को इसकी भनक तब लगी, जब यशस्वी चोरी-छिपे रजत की बहन की शादी में आगरा पहुंच गई।

परिवार ने दो बार शादी तय की, दोनों टूट गईं

जब परिवार को अफेयर का पता चला तो उन्होंने बेटी को समझाने की कोशिश की। यशस्वी को हॉस्टल भेजा गया, लेकिन वहां भी रजत उससे मिलने पहुंचने लगा। उस समय तक वह SOG में तैनात हो चुका था।

परिवार ने बेटी की शादी तय की, लेकिन यशस्वी ने रिश्ता तोड़ दिया। बाद में 2023 में दूसरी जगह सगाई हुई, मगर वह भी टूट गई। मां का आरोप है कि रजत के कहने पर ही बेटी ने दूसरी सगाई भी खत्म कर दी।

सुमन द्विवेदी ने कहा,
“बेटी सिर्फ रजत की बात मानती थी। उसने कहा कि उसी से शादी करेगी। जब हमने दबाव डाला तो वो मरने की धमकी देने लगी।”

शादीशुदा निकला सिपाही

मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब परिवार को पता चला कि रजत पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। मां का आरोप है कि उसने यह सच छिपाकर यशस्वी को अपने जाल में फंसाया।

उन्होंने कहा,
“अगर वो मेरी बेटी से प्यार करता था तो शादी क्यों नहीं की? उसने सिर्फ इस्तेमाल किया। अपना परिवार भी चलाता रहा और मेरी बेटी को भी बहलाता रहा।”

यशस्वी कई साल तक रजत के साथ झांसी की पॉश कॉलोनी रॉयल सिटी में किराए के फ्लैट में रहती रही।

IPL सट्टेबाजी में गिरफ्तारी

8 मई को झांसी पुलिस ने रॉयल सिटी स्थित फ्लैट में छापा मारकर यशस्वी द्विवेदी और उसकी दोस्त निशा खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वहां से करीब 1.55 करोड़ की ज्वैलरी, 18.92 लाख कैश, सोने के बिस्किट, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि फ्लैट से IPL मैचों में ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित की जा रही थी। इस नेटवर्क में सिपाही रजत सिंह समेत कई अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस बोली- करोड़ों का नेटवर्क

एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के अनुसार, सिपाही रजत अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट चला रहा था। फ्लैट पर मोबाइल और लैपटॉप के जरिए IPL मैचों पर सट्टा खिलाया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, बरामद कैश और सोना सट्टेबाजी के पैसे थे, जिनका IPL खत्म होने के बाद बंटवारा होना था।

फिलहाल रजत सिंह समेत कई आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

पहले भी विवादों में रह चुका है रजत

आरोपी सिपाही रजत कुमार सिंह कुछ दिन पहले तब चर्चा में आया था, जब उसने अपनी THAR गाड़ी से बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार को कुचल दिया था। इस हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई थी।

उस मामले में जेल जाने के बाद हाल ही में वह बाहर आया था। अब उसका नाम करोड़ों के सट्टेबाजी नेटवर्क में सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया है।

झांसी का यह मामला सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि भरोसे, धोखे और अपराध के जाल की कहानी बन गया है। एक होनहार युवती, जो पुलिस अधिकारी बनने का सपना देख रही थी, कथित प्रेमजाल में फंसकर अपराध की दुनिया तक पहुंच गई। अब पुलिस पूरे सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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