“बंगाल में बदल गया सिस्टम!”: शुभेंदु अधिकारी के पहले ही दिन बड़े फैसले, BSF को जमीन-आयुष्मान भारत लागू

बंगाल में भाजपा सरकार का बड़ा एक्शन, पहली कैबिनेट में शुभेंदु अधिकारी ने लिए कई अहम फैसले

पश्चिम बंगाल: में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों का ऐलान किया। नवान्न में हुई इस हाई-लेवल बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब “डबल इंजन सरकार” के जरिए विकास, सुरक्षा और सुशासन का नया दौर शुरू हो चुका है।

पहली ही कैबिनेट बैठक में सीमाई सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य योजनाओं, सरकारी नौकरियों और प्रशासनिक सुधारों तक कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि उनकी सरकार संविधान और जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू

नई सरकार के सबसे चर्चित फैसलों में से एक सीमाई सुरक्षा को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएफ को जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। भूमि एवं राजस्व विभाग और मुख्य सचिव को अगले 45 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों के हित में केंद्र सरकार और अदालतों के निर्देशों की अनदेखी की थी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा मजबूत करना राज्य और देश दोनों के लिए बेहद जरूरी है।

बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

मुख्यमंत्री ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का भी ऐलान किया। स्वास्थ्य विभाग को केंद्र सरकार के साथ जल्द जरूरी समझौते पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया जाएगा, जिसके जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

कई केंद्रीय योजनाओं को तेज़ी से लागू करने का फैसला

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, पीएम श्री योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को तेजी से लागू करने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवेदनों को जल्द केंद्र सरकार के पास भेजा जाए ताकि योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंच सके।

सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ी

युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा पांच साल बढ़ाने का फैसला लिया है। इस निर्णय से हजारों युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो उम्र सीमा के कारण नौकरी के अवसरों से वंचित हो रहे थे।

इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के तहत आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी फैसला लिया गया।

राजनीतिक हिंसा पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि लंबे समय बाद बंगाल में भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और प्रशासन को धन्यवाद दिया।

उन्होंने भाजपा के 321 “राजनीतिक शहीदों” को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अगर उनके परिवार चाहें तो सरकार घटनाओं की जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया।

“डर बाहर, भरोसा अंदर” के संदेश पर काम करेगी सरकार

पत्रकारों से बातचीत के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डर बाहर, भरोसा अंदर” संदेश को आधार बनाकर काम करेगी।

उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा, पारदर्शिता और विकास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने साफ किया कि राज्य की मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं बंद नहीं होंगी, लेकिन उन्हें पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी मृत व्यक्ति, गैर-भारतीय नागरिक या अवैध व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही दिन बड़े फैसलों के जरिए साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना लागू करने, BSF को जमीन देने और केंद्रीय योजनाओं को तेज़ी से लागू करने जैसे फैसले आने वाले समय में बंगाल की राजनीति और विकास मॉडल दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

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