SBI बैंक लूट के आरोपी का हाफ एनकाउंटर! पुलिस पर तानी पिस्तौल, ACP ने पैर में मारी गोली

गुजरात: के सूरत में हुए चर्चित SBI बैंक लूटकांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। 50 लाख रुपये की बैंक लूट के आरोपी का शुक्रवार को सूरत क्राइम ब्रांच ने हाफ एनकाउंटर कर दिया। आरोपी ने पुलिस टीम पर पिस्तौल तानकर फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मार दी।

यह घटना सूरत जिले के ग्रामीण इलाके फुर्सद गांव के पास हुई, जहां पुलिस आरोपी को लूट में इस्तेमाल किए गए हथियार और मोबाइल बरामद कराने लेकर गई थी। घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को सूरत के वराछा इलाके स्थित SBI बैंक में करीब 50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट हुई थी। इस वारदात ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया था। जांच के दौरान सूरत क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों शुभम कुमार और विकास सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं।

पूछताछ में आरोपी शुभम ने खुलासा किया कि लूट में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और मोबाइल फोन उसने गांव के पास एक खेत में छिपा रखे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को लेकर कन्यासी गांव पहुंची, ताकि वह हथियार और मोबाइल बरामद करवा सके।

पुलिस टीम जब नाले के पास तलाशी अभियान चला रही थी, तभी आरोपी शुभम ने अचानक मौका देखकर एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन ली। इसके बाद उसने पुलिस टीम की ओर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थिति को गंभीर देखते हुए एसीपी किरण मोदी ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर अस्पताल पहुंचाया।

क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि इस बैंक लूटकांड का मास्टरमाइंड बिहार की जेल में बंद कुख्यात अपराधी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत है। वह फिलहाल पटना स्थित आदर्श केंद्रीय जेल बेउर में बंद है और वहीं से पूरे गिरोह को ऑपरेट कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, कुंदन भगत पहले भी कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। वह देहरादून में हुई 12 करोड़ रुपये की रिलायंस ज्वेलरी डकैती का भी मुख्य आरोपी रह चुका है। जेल में रहते हुए उसने अपने साथियों को सूरत में बैंक लूट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के निर्देश दिए थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लुटेरे वारदात से करीब एक महीने पहले सूरत पहुंच गए थे। उन्होंने रांदेर इलाके में बॉटनिकल गार्डन के पास उगाट गांव में एक कमरा किराए पर लिया था। कमरे के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया था ताकि उनकी पहचान छिपी रहे।

पुलिस ने वारदात के अगले दिन एक खेत से लूट में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की थी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी विकास सिंह तकनीक का बेहद शातिर तरीके से इस्तेमाल करता था। उसने अपने मोबाइल में ऐसा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर रखा था, जो उसकी असली लोकेशन छिपाकर दूसरी जगह की लोकेशन दिखाता था। इसके अलावा वह सामान्य फोन कॉल की बजाय केवल इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस उसकी ट्रैकिंग न कर सके।

क्राइम ब्रांच की टीम ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी के आधार पर पहले रायबरेली पहुंचकर विकास सिंह की जूता-चप्पल की दुकान तक ट्रैक किया। वहां से पीछा करते हुए पुलिस गोंडा और फिर अयोध्या पहुंची। आखिरकार विकास सिंह को गोंडा से और शुभम कुमार को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लूट के बाद शुभम को अयोध्या में एक महंत के घर में छिपाने का इंतजाम विकास सिंह ने ही कराया था।

फिलहाल पुलिस इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सूरत SBI बैंक लूटकांड में आरोपी का हाफ एनकाउंटर इस मामले की गंभीरता को दिखाता है। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं जांच में सामने आया बिहार जेल से संचालित गैंग और हाईटेक अपराधियों का नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *