उत्तर प्रदेश: के आगरा से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह आगरा के बल्केश्वर घाट पर यमुना नदी में नहाने गए युवक-युवतियों और एक किशोर के साथ बड़ा हादसा हो गया। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में उतरे सात लोग अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। देखते ही देखते घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राहत टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद पांच लोगों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान दो युवकों और एक युवती ने दम तोड़ दिया, जबकि दो घंटे बाद लापता किशोर का शव भी नदी से बरामद कर लिया गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।
गर्मी से राहत पाने गए थे यमुना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह कई युवक-युवतियां बल्केश्वर घाट पर पहुंचे थे। तेज गर्मी के कारण सभी यमुना में नहाने के लिए उतर गए। शुरुआत में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक कुछ लोग गहरे पानी की तरफ चले गए और डूबने लगे।
घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और कई लोगों ने बचाने की कोशिश भी की, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान पांच लोगों को बाहर निकाला गया।
गंभीर हालत में सभी को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन कान्हा, महक और रिया को बचाया नहीं जा सका। वहीं 11 वर्षीय किशोर विक्की की तलाश लगातार जारी रही। बाद में उसका शव भी यमुना से बरामद कर लिया गया।
मृतकों की पहचान
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास के अनुसार हादसे में शामिल लोगों की पहचान इस प्रकार हुई:
- 19 वर्षीय महक पुत्री कालीचरण
- 22 वर्षीय कान्हा पुत्र रिंकू सिंह
- 20 वर्षीय अंशु पुत्री कालीचरण
- 17 वर्षीय रिया पुत्री मनोज
- 11 वर्षीय विक्की पुत्र राकेश
सभी आगरा और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

परिवारों में मचा कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल और घाट पर पहुंच गए। अपने बच्चों की हालत देखकर परिवार के लोग फूट-फूट कर रोने लगे। अस्पताल परिसर और घाट पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
सबसे दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला जब दो घंटे बाद विक्की का शव नदी से बाहर निकाला गया। मासूम बेटे को देखकर पिता बेसुध हो गए।
“चार बेटियों के बाद मिला था एक बेटा”
विक्की के पिता राकेश की बातें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि परिवार एक रिश्तेदार के यहां जन्मदिन समारोह में गया हुआ था। सुबह सभी बच्चे बिना बताए यमुना में नहाने चले गए।
राकेश ने रोते हुए कहा,
“चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नतों से एक बेटा हुआ था। भगवान ने उसे भी छीन लिया।”
यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद बल्केश्वर घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही सुरक्षा कर्मियों की उचित व्यवस्था रहती है।
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यमुना में नहाने पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते।
प्रशासन ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी या गहरे जलाशयों में नहाने के दौरान सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।
स्थानीय प्रशासन अब घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहा है।
आगरा के बल्केश्वर घाट पर हुआ यह हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया है। कुछ पल की लापरवाही ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। गर्मी से राहत पाने के लिए यमुना में उतरे युवक-युवतियों और मासूम किशोर की मौत ने सभी को भावुक कर दिया है। यह घटना एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत को उजागर करती है।