वाराणसी: जिला कोर्ट परिसर में शुक्रवार सुबह एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वकीलों, कर्मचारियों और मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। एक महिला सीधे जिला जज के कोर्ट रूम में पहुंची, डायस पर चढ़ी और जज की कुर्सी पर बैठ गई। इसके बाद उसने टेबल पर हैमर पटकते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया- “ऑर्डर-ऑर्डर… आज मैं सुनवाई करूंगी, गवाह और सबूत पेश करिए।”
करीब एक घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। बाद में महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे कुर्सी से हटाकर हिरासत में लिया गया और कैंट थाने ले जाया गया।
जिला जज की कुर्सी पर बैठते ही बोली- ‘आज मैं जज हूं’
घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे की है। रोज की तरह जिला कोर्ट खुला और कर्मचारियों ने सुनवाई के लिए मुकदमों की फाइलें कोर्ट रूम में रख दीं। इसी दौरान शिवपुर निवासी वंदना गुप्ता (50) अचानक जिला जज के कोर्ट रूम में पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले जिला जज के आने का समय पूछा और फिर सीधे डायस पर चढ़कर जज की कुर्सी पर बैठ गईं। कुर्सी पर बैठते ही उन्होंने हैमर उठाकर टेबल पर पटका और जोर से कहा- “ऑर्डर-ऑर्डर… आप लोग खड़े मत होइए। गवाह और सबूत पेश करिए। आज सारे मामलों की सुनवाई मैं करूंगी।”
कोर्ट रूम में मौजूद वकील पहले तो यह सब देखकर चौंक गए। कुछ लोगों को लगा कि शायद कोई मजाक या फिल्म की शूटिंग हो रही है, लेकिन जब महिला लगातार खुद को जज बताने लगी तो हड़कंप मच गया।
फाइलें पलटने लगी, वकीलों को देने लगी निर्देश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वंदना गुप्ता ने कोर्ट में रखी फाइलें उठाकर पलटना शुरू कर दिया और वकीलों से कहा कि जो भी काम हो, उन्हें बताया जाए। उन्होंने कई लोगों को निर्देश देने की भी कोशिश की।
जब वकीलों ने उन्हें समझाने और नीचे उतरने को कहा, तो वह और ज्यादा आक्रामक हो गईं। कई वकीलों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे महिला भड़क गई और उन पर चिल्लाने लगी।
पुलिस को बुलाना पड़ा, कुर्सी से उतारकर हिरासत में लिया
स्थिति बिगड़ती देख कोर्ट प्रशासन ने महिला पुलिस बल को बुलाया। पुलिसकर्मी कोर्ट रूम पहुंचे और वंदना गुप्ता को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन कुर्सी से हटाया और हिरासत में लेकर कैंट थाने चली गई।
इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर बड़ी संख्या में वकील और कर्मचारी जमा हो गए। पूरे घटनाक्रम के चलते कुछ समय तक न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुआ।

अपर जिला जज ने मांगी रिपोर्ट, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही अपर जिला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति और लापरवाही पर नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही न्यायालय प्रशासन ने सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि उक्त महिला को भविष्य में कचहरी परिसर में प्रवेश न करने दिया जाए।
इस घटना के बाद कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर एक महिला बिना रोक-टोक जिला जज के कोर्ट रूम तक कैसे पहुंच गई और डायस पर चढ़कर कुर्सी तक कैसे बैठ गई।
पहले भी कर चुकी है ऐसा हंगामा
वकीलों के अनुसार, वंदना गुप्ता का न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं है। वह पहले भी कई बार कचहरी परिसर में पहुंचकर इसी तरह का हंगामा कर चुकी हैं और जज की कुर्सी पर बैठने की कोशिश कर चुकी हैं।
हालांकि इस बार मामला ज्यादा गंभीर हो गया क्योंकि उन्होंने खुद को जज घोषित कर अदालत की कार्यवाही संचालित करने का दावा किया।
मानसिक स्थिति की जांच करेगी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उनकी मानसिक स्थिति ठीक है या नहीं। फिलहाल उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मेडिकल जांच दोनों पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
कोर्ट परिसर में हुई इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। कई लोग इसे फिल्मी सीन जैसा बता रहे हैं, तो वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि यह न्यायालय की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
वाराणसी जिला कोर्ट में जज की कुर्सी पर बैठकर सुनवाई करने का दावा करने वाली महिला की घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया, लेकिन यह मामला कोर्ट सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है।