राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, विदेश नीति को लेकर उठाए सवाल
लोकसभा: में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है और भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा करने में विफल साबित हो रही है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ओमान के तट और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाएं लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। कांग्रेस नेता ने भारतीय नाविकों की मौत और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
‘अमेरिका के आदेश मान रही है सरकार’
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत के बावजूद अमेरिका की ओर से न तो कोई खेद व्यक्त किया गया और न ही माफी मांगी गई। इसके विपरीत अमेरिका लगातार आदेशात्मक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के लिए ऐसी भाषा स्वीकार करना उचित नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसे संप्रभु देश को अपने नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
भारतीय नाविक की मौत को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में एक भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन का भी जिक्र किया। जानकारी के अनुसार निशांत की ओमान के डुक्म बंदरगाह के पास एक जहाज पर बीमारी के कारण मौत हो गई थी।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
हालांकि राहुल गांधी ने इस मामले को सरकार की संवेदनशीलता से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए और कहा कि विदेशों में संकट का सामना कर रहे भारतीयों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए।

कांग्रेस का सरकार पर लगातार हमला
यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने विदेश नीति के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया हो। पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस लगातार सरकार पर आरोप लगाती रही है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की पर्याप्त मजबूती से रक्षा नहीं कर पा रही।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। यदि भारतीय नागरिक विदेशों में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा की ओर से पलटवार की संभावना
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है। भाजपा पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और सरकार का दावा रहा है कि विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
केंद्र सरकार कई बार यह भी कह चुकी है कि संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं और भारतीय दूतावास लगातार सहायता प्रदान कर रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय नाविकों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। भारत सरकार लगातार क्षेत्रीय हालात पर नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में काम करते हैं।
राजनीतिक बहस और जनता की चिंता
राहुल गांधी के ताजा बयान ने एक बार फिर विदेश नीति, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।
जहां कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा मान रहे हैं।
आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।