बिहार: में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के बीच रविवार को पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और स्टेशन परिसर में पथराव, तोड़फोड़ तथा ट्रेन रोकने जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी।
घटना ने न केवल रेलवे प्रशासन बल्कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे। देर रात और सुबह के समय पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
छात्रों का आरोप था कि उनके लिए पर्याप्त ट्रेन और परिवहन व्यवस्था नहीं की गई थी। कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी बात को लेकर कुछ छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेनों को रोकना शुरू कर दिया।
ट्रेनों पर पथराव और स्टेशन में तोड़फोड़
स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन परिसर में मौजूद दुकानों और रेलवे संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। एग्जाम स्पेशल ट्रेन के कोचों पर भी पथराव किया गया, जिससे कई खिड़कियों के शीशे टूट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। कई अभ्यर्थी इंजन पर चढ़ गए और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। इससे रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
IG को करनी पड़ी हवाई फायरिंग
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेंट्रल रेंज के IG जितेन्द्र राणा स्वयं मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने पहले छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ उग्र होती गई तो हल्का बल प्रयोग किया गया।
पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों द्वारा लगातार पथराव किया जा रहा था। इसी दौरान IG जितेन्द्र राणा ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से स्टेशन परिसर को खाली कराया गया।

प्रशासन ने क्या कहा?
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि प्रशासन को रात में ही सूचना मिल गई थी कि कुछ लोग स्टेशन पर हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के लिए पहले से दो स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं।
डीएम के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन संचालन प्रभावित किया और अन्य अभ्यर्थियों को भी यात्रा करने से रोका। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी निर्धारित ट्रेनें रवाना कर दी गई हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू
घटना के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं।
वहीं जेडीयू नेताओं ने छात्रों से संयम बरतने की अपील की। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा और तोड़फोड़ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है और छात्रों को अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीके से रखनी चाहिए।
लौटते छात्रों की भीड़ से बढ़ी चुनौती
पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद पटना, बक्सर, सीवान, जमुई और अन्य रेलवे स्टेशनों पर छात्रों की भारी भीड़ देखी गई। रेलवे प्रशासन ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है और सुरक्षा के मद्देनजर RPF तथा बिहार पुलिस के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
पाटलिपुत्र स्टेशन पर शाम तक करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मी कैंप करते रहे ताकि लौटने वाले अभ्यर्थियों के दौरान कोई नई अप्रिय घटना न हो।
जांच और कार्रवाई जारी
पुलिस ने फिलहाल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। IG जितेन्द्र राणा ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार पुलिस और रेलवे प्रशासन संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।