6 कत्ल, करोड़ों की संपत्ति और 10 साल की फरारी! बुराड़ी के ‘खूनी खेल’ का मास्टरमाइंड आखिरकार गिरफ्तार

दिल्ली: के बुराड़ी इलाके में वर्ष 2016 में हुए बहुचर्चित हत्याकांड ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। प्रॉपर्टी डीलर मुनावर खान और उनके परिवार के छह सदस्यों की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी साहिब खान उर्फ बंटी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचता फिर रहा था। अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। अब गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

करोड़ों की संपत्ति पर थी नजर

जांच एजेंसियों के अनुसार साहिब खान वर्ष 2014 में मुनावर खान के कार्यालय में काम करने लगा था। इसी दौरान उसे परिवार और उनकी संपत्तियों की विस्तृत जानकारी मिली।

पुलिस का दावा है कि बाद में आरोपी की नजर मुनावर खान की करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर पड़ गई। इसी लालच ने कथित रूप से एक ऐसी साजिश को जन्म दिया, जिसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल हत्या का नहीं, बल्कि संपत्ति हड़पने की कथित साजिश से जुड़ा हुआ था।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

घटना के समय मुनावर खान एक अन्य मामले में जेल में बंद थे। इसी दौरान परिवार के कई सदस्य अचानक लापता हो गए।

शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि उनके साथ क्या हुआ है। जब परिवार के सदस्य लगातार संपर्क में नहीं आए, तब मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान साहिब खान पर शक गहराया और बाद में उससे मिली जानकारियों ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जिनके आधार पर आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से परिवार के सदस्यों की हत्या और पूरी साजिश से जुड़ी जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों से साक्ष्य जुटाए और मामले में आगे की कार्रवाई की। यह मामला दिल्ली के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया था।

पैरोल पर बाहर आया और फिर फरार हो गया

मामले में गिरफ्तार होने के बाद साहिब खान न्यायिक हिरासत में था। पिछले वर्ष उसे पारिवारिक कारणों के आधार पर अंतरिम जमानत मिली थी।

लेकिन जमानत अवधि समाप्त होने के बाद उसने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।

आरोपी की तलाश में दिल्ली पुलिस की कई टीमें लगातार सक्रिय थीं। विभिन्न राज्यों में भी उसकी लोकेशन तलाशने का प्रयास किया गया।

ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले कई महीनों से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। वह अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदल रहा था ताकि पुलिस तक उसकी पहुंच न हो सके।

हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि वह बुराड़ी क्षेत्र के आसपास देखा गया है। इसके बाद विशेष टीम ने जाल बिछाया और नथूपुरा चौक के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कानूनी मदद के अभाव और गिरफ्तारी के डर से लगातार छिपता फिर रहा था।

क्यों चर्चा में रहा यह मामला?

बुराड़ी हत्याकांड केवल इसलिए चर्चा में नहीं रहा कि इसमें एक पूरे परिवार की जान चली गई, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इसमें कथित तौर पर विश्वास, लालच और संपत्ति विवाद जैसे कई गंभीर पहलू शामिल थे।

इस मामले ने समाज में यह सवाल भी खड़ा किया कि आर्थिक लाभ की चाहत किस हद तक लोगों को अपराध की ओर धकेल सकती है।

आगे क्या होगा?

अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लंबे समय से रुकी हुई अदालती कार्यवाही दोबारा तेज हो सकती है। पुलिस और अभियोजन पक्ष अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केस को आगे बढ़ाएंगे।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी मामले के अंतिम निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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