पूर्वी दिल्ली: में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। National Highway 9 पर स्थित गाजीपुर टोल टैक्स के पास तेज रफ्तार कार टोल की पर्ची कटवा रहे कंटेनर ट्रक से जा टकराई। हादसे में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों समेत चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा थी रफ्तार
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हादसे के समय किआ सेल्टोस कार की रफ्तार 100 किमी प्रतिघंटा से अधिक थी। चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और सीधा टोल पर खड़े कंटेनर में जा भिड़ा।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और कंटेनर का पिछला निचला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मां-बेटी की मौके पर मौत
हादसे में 55 वर्षीय नीलम गर्ग और उनकी 38 वर्षीय बेटी दीपांजलि की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कार करीब 30-40 फीट तक घिसटती रही। इस दौरान नीलम का शव कार से बाहर निकलकर सड़क पर जा गिरा, जबकि दीपांजलि कार के अगले हिस्से में फंस गईं।
दमकल और पुलिस कर्मियों ने कटर की मदद से कार के दरवाजे और आगे का हिस्सा काटकर उनका शव बाहर निकाला।
दो मासूम समेत चालक की हालत नाजुक
कार चला रहे 30 वर्षीय दीपांशु गर्ग और दीपांजलि के दो बेटे—5 वर्षीय विवान और 3 वर्षीय वाशु—गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तुरंत नजदीकी Max Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि वाशु और दीपांशु की हालत नाजुक बनी हुई है।

देहरादून से लौट रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक परिवार दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-2 में रहता है। दीपांशु और उनकी मां नीलम बुधवार रात कार से देहरादून गए थे, जहां दीपांजलि की शादी क्लेमेंट टाउन क्षेत्र में हुई थी।
देर रात बेटी और उसके दोनों बच्चों को साथ लेकर परिवार दिल्ली के लिए रवाना हुआ था।
कार में चालक की बगल वाली सीट पर दीपांजलि बैठी थीं, जबकि पीछे की सीट पर नीलम और दोनों बच्चे मौजूद थे। सुबह करीब 6:35 बजे कार गाजियाबाद की ओर से दिल्ली सीमा में दाखिल हुई और कुछ ही मिनटों बाद गाजीपुर टोल टैक्स पर हादसा हो गया।
पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए Lal Bahadur Shastri Hospital की मोर्चरी भेजा गया। दोपहर बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके।
हादसे के बाद टोल प्लाजा के पास लंबा जाम लग गया। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया।
निष्कर्ष:
तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक परिवार को पलभर में तबाह कर दिया। देहरादून से खुशी-खुशी लौट रहा परिवार गाजीपुर टोल पर मौत के मुंह में समा गया। दो जिंदगियां खत्म हो गईं और तीन लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर रफ्तार के खतरों की याद दिलाता है—सड़क पर जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।