गुजरात के सूरत जिले में बुधवार देर रात उस समय तनाव फैल गया, जब गौहत्या की सूचना पर पहुंचे गोरक्षकों और पुलिस टीम पर भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। मांगरोल तालुका के हथौडा गांव में हुई इस घटना में एक गोरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक पुलिसकर्मी के हाथ और पैर टूटने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गांव को घेरकर 22 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
घटना ने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया है।
रात 1:30 बजे मिली सूचना, फिर शुरू हुआ हंगामा
सूरत जिला पुलिस प्रमुख राजेश गधिया के अनुसार, बुधवार रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच कोसंबा क्षेत्र के हथौडा गांव में गौहत्या की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर छह पुलिसकर्मी और स्थानीय गोरक्षक मौके पर पहुंचे।
पुलिसकर्मी बैटरी की रोशनी में तलाशी कर रहे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार छह युवक मौके पर पहुंचे और पुलिस से हाथापाई करने लगे। देखते ही देखते उन्होंने गांव से करीब 50 लोगों की भीड़ इकट्ठा कर ली।
धारदार हथियारों से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने अचानक पुलिस और गोरक्षकों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गोरक्षक सत्यप्रकाश यादव के सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर 15 से 20 टांके लगाए।
एक पुलिसकर्मी को भी गंभीर चोटें आईं। उसके हाथ और पैर टूटने की पुष्टि हुई है। दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और पुलिस टीम को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।
डीएसपी बीके वानर के नेतृत्व में बड़ा अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही सूरत ग्रामीण के डीएसपी बीके वानर के नेतृत्व में पुलिस ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सात निजी जांच अधिकारियों सहित 15 पुलिस टीमों को मौके पर भेजा गया।
गांव को चारों ओर से घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने घर-घर जांच की और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। इस दौरान 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोसंबा पुलिस स्टेशन लाया गया।
गुरुवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ पुलिस का काफिला गांव में पहुंचा। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
गोरक्षक का बयान
गोरक्षक साजन भरवाड ने बताया कि उन्हें बड़े पैमाने पर गौहत्या की सूचना मिली थी। उन्होंने एलसीबी (लोकल क्राइम ब्रांच) से संपर्क कर पुलिस के साथ गांव में प्रवेश किया।
उनके अनुसार, गांव पहुंचते ही उपद्रवियों की भीड़ इकट्ठा हो गई और सड़क जाम कर दी गई। इसके बाद उन पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला पूर्व नियोजित लग रहा था।
पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं की मौजूदगी
तलाशी अभियान के दौरान कुछ महिलाएं पुलिस से बहस करती नजर आईं। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को काबू में रखा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने सूरत जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और गोरक्षकों पर खुलेआम हमला होना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। वीडियो फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी जांच की जा रही है।
गांव में तनाव, पुलिस तैनात
हथौडा गांव में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
आगे की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। हिरासत में लिए गए 22 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सूरत के हथौडा गांव में गोरक्षकों और पुलिस पर हुआ हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गांव को घेरकर 22 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, लेकिन घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।