ईरान: के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश देखने को मिला। रविवार रात राजधानी लखनऊ में करीब एक लाख लोग सड़कों पर उतर आए। ऐतिहासिक Chhota Imambara से Bara Imambara तक कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई के पोस्टर थे और अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी।
मोहर्रम जैसा मातम, जंजीरों से खुद को पीटा
लखनऊ ही नहीं, बल्कि बिजनौर, अमरोहा, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में जुलूस निकाले गए। कई जगह युवाओं और बच्चों ने मोहर्रम की परंपरा की तरह जंजीरों से खुद को पीटकर मातम किया। “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं।
बिजनौर के नगीना में शिया समुदाय ने कैंडल मार्च

निकाला और अमेरिका का पुतला फूंका। प्रयागराज में महिलाओं ने सिविल लाइंस स्थित धरनास्थल पर मोमबत्तियां जलाकर विरोध जताया।
लखनऊ में 500 दुकानें बंद, पर्यटक मायूस
प्रदर्शन का असर बाजारों पर भी दिखा। छोटा इमामबाड़ा से लेकर हुसैनाबाद फूड कोर्ट तक करीब 500 दुकानों के शटर बंद रहे। पर्यटकों को मायूसी का सामना करना पड़ा।
ओडिशा से प्री-वेडिंग शूट के लिए आए पर्यटक राजेंद्र पटनायक ने कहा कि वे बड़ा इमामबाड़ा देखने और शूट कराने आए थे, लेकिन बंद होने से योजना प्रभावित हुई।
इमामबाड़े 3 मार्च तक बंद
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक की घोषणा की। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि लोग घरों पर काले झंडे लगाएंगे और काले कपड़े पहनेंगे। छोटा और बड़ा इमामबाड़ा 3 मार्च तक बंद रहेंगे। हालांकि अकीदतमंदों को नमाज और जियारत के लिए सीमित प्रवेश दिया जा रहा है।
प्रयागराज में भावुक अपील
प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने कहा—“हम अपने रहबरे मोहज्जम के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं। शिया कौम जिंदा है।” धरनास्थल पर कई लोग रो पड़े और ईरान पर हमले के खिलाफ आवाज बुलंद की।
वाराणसी में 7 दिन का शोक
वाराणसी में इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने सात दिन के शोक का ऐलान किया। शिवपुर इलाके में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। कई महिलाएं भावुक होकर रोती नजर आईं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
लखनऊ में भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने ईरान संबंधी प्रदर्शनों की निंदा की। वहीं मुरादाबाद के सपा नेता S. T. Hasan ने अपील की—“जोश में होश नहीं खोना चाहिए।”
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि युद्ध विनाशकारी होता है और इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ता है। उन्होंने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
हाई अलर्ट पर पुलिस-प्रशासन
प्रदेश में हालात को देखते हुए पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अफसरों के साथ बैठक कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
बाजार और ट्रैफिक पर असर
हुसैनाबाद क्षेत्र में भारी भीड़ के चलते यातायात डायवर्ट किया गया। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ के कारण रात देर तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।
सामाजिक और राजनीतिक असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर स्थानीय राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ता है। उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय की बड़ी आबादी है, खासकर लखनऊ में, जहां ऐतिहासिक इमामबाड़े आस्था का प्रमुख केंद्र हैं।
पुलिस की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है। लखनऊ से लेकर वाराणसी और प्रयागराज तक प्रदर्शन और मातम का दौर जारी है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और नेताओं ने संयम बरतने की अपील की है। आने वाले दिनों में हालात सामान्य होते हैं या विरोध और तेज होता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।