युद्ध लंबा चला तो तेल होगा महंगा! बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह बोले— दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बड़ा असर

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैसरगंज से भाजपा सांसद Karan Bhushan Singh ने ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है तो इसका असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

सांसद ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय तक चलने वाले युद्ध का सबसे बड़ा प्रभाव ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

तरबगंज कार्यक्रम में दिया बयान

गोंडा जिले के तरबगंज में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे Karan Bhushan Singh ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात चिंताजनक हैं।

उन्होंने कहा कि Iran, Israel और United States के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है। यदि यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ना तय है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका

सांसद ने कहा कि भारत समेत कई देश खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। ऐसे में अगर युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों तक पहुंचता है। इससे परिवहन लागत बढ़ती है और महंगाई पर भी दबाव पड़ता है।

सांसद के अनुसार युद्ध के लंबे समय तक चलने से केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की लगभग सभी अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।

भारत सरकार चाहती है शांति

Karan Bhushan Singh ने कहा कि भारत सरकार इस पूरे मामले में शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा से संतुलित और स्वतंत्र रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रही है। उनके अनुसार युद्ध से किसी का भला नहीं होता और इसका परिणाम केवल विनाश और आर्थिक नुकसान के रूप में सामने आता है।

रमजान और होली के बीच युद्ध पर चिंता

सांसद ने कहा कि यह युद्ध ऐसे समय में चल रहा है जब दुनिया के कई हिस्सों में धार्मिक त्योहार मनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रमजान और होली जैसे पवित्र समय में इस तरह का संघर्ष मानवता के लिए चिंताजनक है।

उनका मानना है कि इस समय दुनिया को शांति और सहयोग की आवश्यकता है, न कि टकराव की।

रूस से तेल खरीद पर दिया जवाब

मीडिया ने जब अमेरिका द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने की अनुमति देने के मुद्दे पर सवाल किया तो Karan Bhushan Singh ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के अनुसार निर्णय लेता है। भारत का रुख स्पष्ट है और वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले करता है।

युद्ध में किसके साथ भारत?

जब उनसे पूछा गया कि इस संघर्ष में भारत किसके साथ खड़ा है, तो सांसद ने कहा कि यह बहुत जटिल सवाल है।

उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं बल्कि शांति स्थापित करना है। युद्ध में दोनों पक्षों के लोगों की जान जाती है और इससे मानवता को नुकसान होता है।

विदेशों में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार सतर्क

ईरान और इजरायल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा है।

उन्होंने बताया कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। कुछ लोगों को पहले ही निकाला जा चुका है और बाकी लोगों के लिए विशेष संपर्क केंद्र भी बनाए गए हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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