जयपुर: में पेट्रोलियम चोरी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने Indian Oil Corporation Limited (IOCL) की पाइपलाइन से क्रूड ऑयल चोरी करने की योजना को नाकाम कर दिया। इस मामले में मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लाखों रुपए खर्च कर पाइपलाइन में वाल्व लगाकर तेल चोरी करने की तैयारी कर ली थी। हालांकि उनकी योजना पूरी तरह सफल होती उससे पहले ही पुलिस को भनक लग गई और पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया।
मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू महाराज, देवेन्द्र सिंह, प्रताप शेर सिंह उर्फ शेरू और प्रेम सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी ब्यावर के सेन्दड़ा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
एसओजी ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और इस तरह की अन्य घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी पंकज वाघेला निवासी अहमदाबाद अभी फरार है। पुलिस की टीमें गुजरात में उसकी तलाश कर रही हैं।
पाइपलाइन में पंक्चर कर लगाया वाल्व
एसओजी के अनुसार आरोपियों ने रामगढ़ क्षेत्र के सेंदड़ा इलाके में गुजर रही IOCL की KJPPL पाइपलाइन को निशाना बनाया। इस पाइपलाइन में वाल्व और प्लंज पाइप वेल्ड करके उसमें पंक्चर कर दिया गया था।
यह पाइपलाइन अत्यंत ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ से भरी रहती है, ऐसे में इसमें छेड़छाड़ करने से आग लगने और बड़े हादसे की भी आशंका थी।
आरोपियों ने पाइपलाइन से एक पाइप जोड़कर कुछ दूरी पर खड़े टैंकर में क्रूड ऑयल भरने की व्यवस्था भी कर ली थी।
तकनीकी जानकारी के लिए बुलाया गुजरात का आरोपी
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी जितेन्द्र सिंह और उसके साथियों के पास उच्च दबाव वाली पाइपलाइन को पंक्चर करने की तकनीकी जानकारी नहीं थी।
इसी कारण उन्होंने अहमदाबाद निवासी पंकज वाघेला से संपर्क किया। पंकज पहले भी इस तरह के अपराधों में शामिल रह चुका है और पाइपलाइन से तेल चोरी करने की तकनीक जानता था।
पुलिस के अनुसार वाल्व लगाने और तकनीकी काम के लिए आरोपियों ने लाखों रुपए खर्च किए थे।
खेत में छिपाकर रखा पूरा सिस्टम
पंकज वाघेला जरूरी उपकरणों और औजारों के साथ रामगढ़ पहुंचा। वहां जनरेटर और अन्य मशीनों की मदद से खेत के बीच से गुजर रही पाइपलाइन को पंक्चर कर उसमें वाल्व वेल्ड कर दिया गया।
इसके बाद वाल्व के आसपास मिट्टी के कट्टे लगाकर उसे ढक दिया गया। ऊपर से खेत की ट्रैक्टर से जुताई कर दी गई ताकि किसी को शक न हो।
यह पूरी व्यवस्था इस तरह बनाई गई थी कि पाइपलाइन से तेल निकालकर टैंकर में भरकर आसानी से दूसरी जगह ले जाया जा सके।
टैंकर दलदल में फंसा, खुल गया राज
जांच में यह भी सामने आया कि पहली बार तेल निकालने के दौरान पाइपलाइन में क्रूड ऑयल का प्रवाह कम था, इसलिए आरोपी ज्यादा तेल नहीं निकाल पाए।
तेल से भरे टैंकर को ले जाते समय वह दलदली जमीन में फंस गया। टैंकर को बाहर निकालने के लिए ट्रैक्टरों की मदद लेनी पड़ी, जिससे खेत और आसपास की जमीन को नुकसान हुआ।
इसी दौरान Indian Oil Corporation Limited की नियमित गश्त के दौरान अधिकारियों को जमीन में गड़बड़ी नजर आई। जांच करने पर पाइपलाइन में छेड़छाड़ का पता चला और पूरी साजिश सामने आ गई।
डेटा एनालिसिस से पुलिस तक पहुंची कड़ी
एसओजी ने मामले की जांच के दौरान एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाए। इसके साथ ही बीटीएस डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया गया।
इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने पहले से तेल चोरी के मामलों में शामिल अपराधियों से पूछताछ की। इसी दौरान मुख्य आरोपी जितेन्द्र सिंह और उसके साथियों का नाम सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जयपुर में IOCL पाइपलाइन से तेल चोरी की यह साजिश बेहद खतरनाक थी, क्योंकि इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन एसओजी की सतर्कता और तकनीकी जांच के कारण यह योजना समय रहते नाकाम हो गई। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि इस गैंग ने पहले भी कहीं इस तरह की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।