गुजरात: के थराद क्षेत्र में एक इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। करीब दो साल पहले हुई इस शादी का विवाद अब इतना बढ़ गया कि बुधवार को हजारों लोगों की भीड़ ने एक गांव का घेराव कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की।
जानकारी के अनुसार, चौधरी और रबारी समुदाय के बीच यह विवाद लंबे समय से चल रहा था। बुधवार को थराद में चौधरी समुदाय का एक बड़ा महासम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर गुजरात और राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सम्मेलन के बाद भीड़ ऊण गांव की ओर बढ़ गई, जहां रबारी समुदाय के लोग रहते हैं। भीड़ ने गांव का घेराव कर लिया और वहां खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया।
इस घटना के कारण नेशनल हाईवे पर भी असर पड़ा और करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया और यातायात बहाल कर दिया गया।
यह पूरा विवाद एक इंटर-कास्ट मैरिज से जुड़ा है। करीब दो साल पहले रूनी गांव की कंकू चौधरी ने ऊण गांव के महादेव रबारी से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की और अब उनका एक बेटा भी है।
हालांकि, चौधरी समुदाय इस शादी को स्वीकार नहीं कर रहा है और कंकू चौधरी की “घर वापसी” की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसके बाद यह विवाद हिंसा में बदल गया।
इस मामले को हाल ही में एक और घटना ने हवा दे दी। पाटन की प्रसिद्ध गुजराती सिंगर किंजल रबारी ने सोशल मीडिया पर अपनी इंटर-कास्ट लव मैरिज का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने चौधरी समुदाय के युवक से शादी की है।

इस खुलासे के बाद दोनों समुदायों में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, बाद में किंजल रबारी ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी और कुछ दिनों बाद कहा कि उन्होंने शादी रद्द कर दी है और अपने परिवार के पास लौट आई हैं।
इस घटनाक्रम के बाद पुराने मामले फिर से चर्चा में आ गए और समाज में आक्रोश बढ़ गया।
चौधरी समाज के अध्यक्ष रजनेश चौधरी ने कहा कि यह मामला समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि अगले पांच दिनों में रबारी समाज के नेताओं से बातचीत की जाएगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
वहीं, दूसरी ओर कंकू चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और अब उनका एक छोटा बच्चा भी है। उन्होंने दोनों समुदायों के नेताओं से अनुरोध किया कि उनके परिवार को अलग न किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो भी फैसला लिया जाए, वह इस तरह से हो कि उनका परिवार सुरक्षित और एकजुट रह सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर मौजूद सोच और चुनौतियों को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर नई पीढ़ी अपने फैसले खुद लेना चाहती है, वहीं पारंपरिक सोच कई बार टकराव का कारण बन जाती है।