गुजरात: के अहमदाबाद शहर को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए चुने जाने के बाद अब शहर में ग्रीन मोबिलिटी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में जून 2026 से नई मेट्रो ट्रेनसेट की डिलीवरी शुरू होने जा रही है, वहीं 2027 तक शहर में 1960 नई इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल की जाएंगी।
शहर में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह योजना अहम मानी जा रही है। इससे न केवल लोगों को बेहतर और तेज यात्रा सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रदूषण को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
मेट्रो नेटवर्क को मिलेगा बड़ा बूस्ट
Gujarat Metro Rail Corporation के अनुसार, अहमदाबाद मेट्रो के लिए 10 नए ट्रेनसेट का ऑर्डर दिया गया था, जिनकी डिलीवरी जून 2026 से शुरू होगी। ये ट्रेनसेट पश्चिम बंगाल में स्थित Titagarh Rail Systems Limited द्वारा तैयार किए जा रहे हैं।
यह कॉन्ट्रैक्ट करीब 350 करोड़ रुपए का है, जो 2023 में साइन किया गया था। इन आधुनिक मेट्रो ट्रेनसेट में यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर तकनीक और आरामदायक सुविधाएं होंगी। इससे सफर अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।
वर्तमान में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मेट्रो सेवा में करीब 32 ट्रेनसेट संचालित हो रहे हैं। नए ट्रेनसेट के जुड़ने से मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी और यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ेगा। साथ ही भविष्य में नेटवर्क विस्तार की योजना को भी मजबूती मिलेगी।
इलेक्ट्रिक बसों से बदलेगा शहर का ट्रांसपोर्ट
Ahmedabad Municipal Corporation ने शहर में प्रदूषण कम करने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने का फैसला किया है। योजना के तहत 2027 तक 1960 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शहर की सड़कों पर दौड़ेंगी।
इनमें से 561 बसों का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है, जिसमें 311 बसें AMTS (अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट सर्विस) और 250 बसें BRTS (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के लिए हैं। इन बसों की डिलीवरी 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी।
इसके अलावा, केंद्र सरकार के PM E-DRIVE कार्यक्रम के तहत 1000 इलेक्ट्रिक बसों का अतिरिक्त ऑर्डर दिया गया है। वहीं 660 बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और 300 बसों के लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे।

ग्रीन मोबिलिटी में अहमदाबाद बनेगा रोल मॉडल
अहमदाबाद में फिलहाल करीब 400 सीएनजी एसी बसें संचालित हो रही हैं। नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद शहर के पास कुल लगभग 3100 बसों का ग्रीन बेड़ा होगा। यह भारत के प्रमुख शहरों में से एक को ग्रीन ट्रांसपोर्ट के मामले में अग्रणी बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ने से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ईंधन लागत में भी कमी आएगी। साथ ही, यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी को मिलेगा बल
अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयार करने के तहत यह पूरा प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, तेज ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएं शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगी।
मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मिलकर अहमदाबाद को एक स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करेंगे।