दक्षिण एशिया: के देश Bangladesh में एक भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। राजबाड़ी जिले में यात्रियों से भरी एक बस फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ते समय संतुलन बिगड़ने के कारण पद्मा नदी में जा गिरी। इस हादसे में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक हादसा बुधवार शाम दाउलतदिया घाट पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस को फेरी पर चढ़ाया जा रहा था, तभी ड्राइवर का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया। कुछ ही सेकंड में बस सीधे नदी में जा गिरी।
बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इनमें से अधिकांश लोग ईद की छुट्टियां मनाकर राजबाड़ी से राजधानी ढाका लौट रहे थे। हादसे के वक्त कई परिवार एक साथ सफर कर रहे थे, जिससे त्रासदी और भी भयावह हो गई।
मौत का आंकड़ा बढ़ा
शुरुआत में हादसे में केवल 2 लोगों की मौत की खबर आई थी, लेकिन जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई।
फायर सर्विस के मुताबिक, 23 शव बस के अंदर से निकाले गए, जिनमें 11 महिलाएं, 7 पुरुष और 5 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 8 लोगों को जिंदा बचाया गया था, लेकिन उनमें से 3 की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं कई एजेंसियां
हादसे के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। फायर सर्विस की चार टीमें और 10 गोताखोर मौके पर तैनात किए गए। इसके अलावा सेना, पुलिस, कोस्टगार्ड और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर राहत और बचाव कार्य चलाया।
करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ‘हमजा’ नाम के जहाज की मदद से आधी रात को बस को नदी से बाहर निकाला गया। गोताखोरों ने अंधेरे और तेज धारा के बीच जोखिम भरे हालात में शवों और यात्रियों की तलाश की।

दर्दनाक मंजर
हादसे के बाद का दृश्य बेहद दिल दहला देने वाला था। कई यात्रियों ने बस के नदी में गिरते ही तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ लोग बच भी गए, लेकिन उनके परिजन बस के अंदर ही फंसे रह गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोग बस के बाहर खड़े थे, इसलिए वे बच गए, जबकि अंदर बैठे यात्री बाहर नहीं निकल सके।
इस हादसे ने कई परिवारों को एक झटके में उजाड़ दिया।
जांच के आदेश
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट उचेन मेय कर रहे हैं।
इस समिति में पुलिस, फायर सर्विस और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हैं। समिति को 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस पर संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और अधिकारियों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।
उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
फेरी सिस्टम पर उठे सवाल
बांग्लादेश में नदी पार करने के लिए फेरी सिस्टम का व्यापक उपयोग होता है। बसों और भारी वाहनों को नदी पार कराने के लिए इन्हीं बड़ी नावों का सहारा लिया जाता है।
हालांकि इस हादसे के बाद फेरी सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लोडिंग प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। Bangladesh के इस दर्दनाक बस हादसे ने कई परिवारों को गहरा घाव दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।