नई दिल्ली: में शुक्रवार सुबह अचानक उस समय हलचल तेज हो गई जब देश में संभावित लॉकडाउन को लेकर अफवाहें फैलने लगीं। सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आने लगीं, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया।
हालांकि, कुछ ही घंटों में केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए इन सभी खबरों को पूरी तरह निराधार बताया।

सरकार ने कहा- लॉकडाउन की कोई योजना नहीं
संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने की खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार हर स्तर पर सक्रिय है ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
हरदीप पुरी बोले- अफवाह फैलाना गैर-जिम्मेदाराना
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्पष्ट किया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही इस दिशा में कोई विचार चल रहा है।
पुरी ने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की अफवाहों से बचें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें। उनके मुताबिक, बेवजह डर फैलाना सही नहीं है।

निर्मला सीतारमण ने भी किया खंडन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग बिना आधार के बातें फैला रहे हैं, जो चिंता की बात है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोविड-19 के दौरान जैसा लॉकडाउन देश ने देखा था, वैसी स्थिति अब नहीं बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर पहलू पर नजर रखे हुए है।
पीएम के बयान के बाद शुरू हुई चर्चा
दरअसल, लॉकडाउन को लेकर अटकलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने संसद में कहा था कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष के कारण लंबे समय तक मुश्किल हालात बने रह सकते हैं।
उन्होंने इस चुनौती की तुलना कोरोना काल से करते हुए देश को सतर्क रहने की सलाह दी थी। इसी बयान के बाद कुछ लोगों ने इसे लॉकडाउन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड जैसी स्थिति का जिक्र करना गंभीर है।
वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कोरोना काल की कठिनाइयों को याद करते हुए सरकार से स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि देश पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे में इस तरह के संकेत चिंता बढ़ा सकते हैं।
वैश्विक हालात का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात को लेकर चिंता बनी हुई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा युद्ध के परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल है और इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।
हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन वैश्विक परिस्थितियों का मतलब यह नहीं है कि देश में लॉकडाउन लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। इसमें मौजूदा हालात और तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है और इसे लॉकडाउन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।