महाराष्ट्र: में एक बार फिर स्वयंभू बाबाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पालघर जिले में एक महिला ने ऐसे ही एक बाबा पर यौन शोषण और ब्लैकमेल का आरोप लगाया है।
महिला का दावा है कि आरोपी ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
खुद को ‘शिव अवतार’ बताकर बनाया भरोसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 40 वर्षीय हृषिकेश वैद्य के रूप में हुई है।
महिला ने शिकायत में बताया कि उसकी आरोपी से 2023 में फेसबुक के जरिए पहचान हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताना शुरू किया।
उसने महिला को यह विश्वास दिलाया कि वह उसकी ‘पार्वती’ है, जिसके बाद उसने उसका भरोसा जीत लिया।
लॉज में ले जाकर किया दुष्कर्म
एफआईआर के अनुसार, आरोपी महिला को पुणे के मांजरी इलाके के एक लॉज में ले गया।
वहां उसने महिला को बेहोश कर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि इसके बाद भी कई बार उसके साथ शोषण किया गया।
यह पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने बिना जानकारी के उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं।
बाद में इन्हीं तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और चुप रहने के लिए मजबूर किया गया।
महिला ने यह भी दावा किया है कि आरोपी ने अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसाया।
एक और केस से मिली हिम्मत
दिलचस्प बात यह है कि पीड़िता ने यह शिकायत हाल ही में नासिक में सामने आए एक अन्य मामले के बाद दर्ज कराई।
नासिक में स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद महिला ने हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास पहुंची।
खरात पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे, जिसमें यौन शोषण और ब्लैकमेल शामिल था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
वसई के माणिकपुर पुलिस स्टेशन में इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।
क्योंकि मुख्य घटना पुणे में हुई थी, इसलिए केस को हडपसर पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया है।
पुणे पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
आरोपी ने आरोपों से किया इनकार
इस बीच आरोपी ने सोशल मीडिया पर इन सभी आरोपों को गलत बताया है।
उसने कहा है कि यह मामला झूठा है और उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
बढ़ते मामलों से चिंता
पिछले कुछ समय में स्वयंभू बाबाओं से जुड़े ऐसे मामलों में वृद्धि देखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंधविश्वास और विश्वास का गलत फायदा उठाकर ऐसे लोग महिलाओं को निशाना बनाते हैं।
ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।
पालघर का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे विश्वास और आस्था का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुलिस जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई साफ हो पाएगी।