श्रीनगर-लेह: हाईवे पर शुक्रवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जोजिला दर्रे के पास अचानक आए एवलांच ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना शाम करीब 4 बजे जीरो प्वाइंट के पास हुई, जहां भारी बर्फबारी के बीच अचानक पहाड़ी से बर्फ का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। देखते ही देखते 12 से ज्यादा वाहन करीब 6 फीट मोटी बर्फ में दब गए।
🚨 मौके पर मची अफरा-तफरी
एवलांच के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। कई वाहन पूरी तरह बर्फ में दब गए, जबकि कुछ लोग खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
🛟 रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुलिस के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक 5 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू टीम बर्फ और मलबा हटाने में जुटी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अब भी बर्फ में फंसे हो सकते हैं।
❄️ क्यों खतरनाक है जोजिला दर्रा?
जोजिला दर्रा देश के सबसे संवेदनशील और खतरनाक पहाड़ी मार्गों में से एक माना जाता है। यहां अक्सर बर्फबारी और एवलांच की घटनाएं होती रहती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने और भारी बर्फ जमा होने के कारण एवलांच का खतरा हमेशा बना रहता है।

🚗 वाहनों की लंबी कतार, यातायात ठप
एवलांच के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। कई वाहन फंस गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सड़क को साफ करने के लिए मशीनों की मदद से बर्फ हटाने का काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि रास्ता जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
🌩️ अगले दो दिन का मौसम अलर्ट
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
- 28 मार्च: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना
- बिहार: आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट
- 29 मार्च: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है।
⚠️ प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें। खासकर पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना जरूरी बताया गया है।