उत्तर प्रदेश: के जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज औपचारिक रूप से देश को समर्पित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह करीब 11 बजे इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन करेंगे। लंबे इंतजार के बाद तैयार हुआ यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।
यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि यहां बोर्डिंग प्रक्रिया को इतना सरल बनाया गया है कि यात्री महज 20 मिनट में फ्लाइट के लिए तैयार हो सकेंगे।
NCR की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ती भीड़ के बीच यह नया एयरपोर्ट एक बड़े विकल्प के रूप में सामने आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। साथ ही, क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

11,200 करोड़ रुपये में तैयार हुआ पहला चरण
करीब साढ़े चार वर्षों में इस एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा किया गया है, जिसकी लागत लगभग 11,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस परियोजना की नींव रखी थी।
हालांकि, इस एयरपोर्ट की अवधारणा वर्ष 2001 में ही सामने आई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में देरी होती रही। आखिरकार 2019 के बाद इस प्रोजेक्ट ने तेजी पकड़ी और अब यह पूरी तरह तैयार है।
चरणबद्ध तरीके से हुआ विकास
इस परियोजना को कई चरणों में विकसित किया गया। 2019 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का जिम्मा मिला। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौते हुए और 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ।
आगे चलकर एयरलाइंस, कार्गो सेवाओं और ग्राउंड हैंडलिंग से जुड़ी कई कंपनियों के साथ करार किए गए। मार्च 2026 में एयरपोर्ट को लाइसेंस मिलने के बाद इसके संचालन का रास्ता साफ हो गया।
आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाया गया है। यहां डिजियात्रा जैसी बायोमेट्रिक सुविधा लागू की गई है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
इसके अलावा, चेक-इन, बोर्डिंग और बैगेज सिस्टम को भी तेज और सुरक्षित बनाया गया है। एयरपोर्ट परिसर में मल्टी-मॉडल कार्गो हब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जो व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में तेजी आने की संभावना है।
इसके साथ ही, यह एयरपोर्ट उत्तर भारत में एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक नई सुविधा का आरंभ नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और बढ़ती आर्थिक संभावनाओं के साथ यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख हवाई केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है।