राजस्थान: के Lalsot क्षेत्र में एक चौंकाने वाला बैंक घोटाला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। State Bank of India (SBI) की मंडावरी शाखा में ग्राहक के खाते से 30 लाख रुपए के गबन के आरोप में पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित को अपने खाते से बड़ी रकम के गायब होने की जानकारी मिली।
कैशियर और संविदाकर्मी गिरफ्तार
मंडावरी थाना पुलिस ने बैंक के कैशियर विनोद कुमार मीणा और संविदाकर्मी वीरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में दोनों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। आरोप है कि उन्होंने ग्राहक की जानकारी के बिना अलग-अलग तारीखों में कुल 30 लाख रुपए का अवैध ट्रांसफर किया।
ग्राहक की शिकायत से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत पीड़ित Giriraj Prasad Meena की शिकायत से हुई। उन्होंने 25 मार्च को मंडावरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़ित का कहना है कि उनकी फर्म “पुरुषोत्तम लाल, पवन कुमार” के खाते से बड़ी रकम गायब हो गई थी, जिसकी उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी।
दो चरणों में किया गया गबन
शिकायत के अनुसार, बैंक कर्मचारियों ने 13 नवंबर को दो वाउचर बनाकर 23 लाख रुपए एक अन्य खाते में ट्रांसफर किए।
इसके बाद 20 नवंबर को फिर से वाउचर तैयार कर 7 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 30 लाख रुपए का गबन किया गया।
स्टेटमेंट देने में की आनाकानी
पीड़ित ने बताया कि जब वह अपने खाते का स्टेटमेंट लेने बैंक गया, तो कर्मचारियों ने जानकारी देने में टालमटोल की।
काफी प्रयासों और व्यापार मंडल के दबाव के बाद 16 मार्च को उन्हें स्टेटमेंट मिला, जिसमें इस घोटाले का खुलासा हुआ।
अन्य कर्मचारियों पर भी शक
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गबन में अन्य बैंक कर्मचारियों की भी भूमिका थी या नहीं।
मंडावरी थाना प्रभारी Sudhir Upadhyay ने बताया कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और बैंक ग्राहकों में चिंता का माहौल है। लोग बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से बचने के लिए ग्राहकों को नियमित रूप से अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत सूचना बैंक या पुलिस को देनी चाहिए।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गबन की राशि किन खातों में ट्रांसफर की गई और क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है।
साथ ही, बैंक प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
लालसोट के मंडावरी में SBI शाखा का यह गबन मामला बैंकिंग सिस्टम के लिए एक बड़ा झटका है। दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी से साफ है कि अंदरूनी मिलीभगत के बिना इस तरह का घोटाला संभव नहीं था।
अब देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन सामने आता है और बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।