प्रधानमंत्री: Narendra Modi ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए पलक्कड़ में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) दोनों पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों से केरल “स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों” के बीच फंसा हुआ है। उन्होंने LDF और UDF को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक तरफ कम्युनिस्ट और दूसरी तरफ कांग्रेस—दोनों ही भ्रष्टाचार और वोट बैंक की राजनीति में लिप्त हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “एक करप्ट है, दूसरा महा-करप्ट” और दोनों का मकसद सिर्फ सत्ता में बने रहना है, न कि राज्य का विकास करना।
मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि इन दोनों गठबंधनों को भारतीय जनता पार्टी से डर लगता है। उन्होंने कहा कि अगर केरल में BJP या NDA की सरकार बनती है, तो इन पार्टियों के “काले कारनामे” सामने आ जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे बदलाव के लिए तैयार रहें और विकास के नए विकल्प को मौका दें।
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस बार केरल का माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के युवा, महिलाएं और किसान अब NDA और BJP की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने इसे “बदलाव का संकेत” बताते हुए कहा कि केरल में अब एक नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत हो सकती है।

अपने संबोधन में मोदी ने विपक्ष के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक-दूसरे को BJP की “बी टीम” बताकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इससे यह साफ होता है कि दोनों ही दल BJP की बढ़ती ताकत को स्वीकार कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस के एक नेता को महिला शोषण के आरोप में पार्टी से निकाला गया है, जो इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर गंभीर समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि केरल की महिलाओं को इस सच्चाई को समझना चाहिए।
इस रैली के बाद प्रधानमंत्री त्रिशूर में रोड शो करने वाले हैं, जहां वे बड़ी संख्या में लोगों से सीधे संवाद करेंगे। चुनावी माहौल के बीच भाजपा ने केरल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि राज्य में पहली बार सत्ता हासिल की जा सके।
दूसरी ओर, देश के अन्य राज्यों में भी चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। असम में Amit Shah ने घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि भाजपा ने राज्य को आतंकवाद से मुक्त किया है। वहीं पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि BJP सत्ता में आई तो लोगों की खानपान की आजादी प्रभावित होगी।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न पार्टियां गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर रणनीति बना रही हैं। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने वाला है।
विश्लेषकों का मानना है कि केरल में BJP के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। अब तक राज्य में LDF और UDF का ही दबदबा रहा है, लेकिन इस बार BJP अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी की रैलियां और रोड शो इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
केरल की राजनीति में इस बार मुकाबला और भी तीखा नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। जहां BJP बदलाव का दावा कर रही है, वहीं LDF और UDF अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।