कल से शुरू होगी गेहूं खरीद: ₹2585 MSP, 48 घंटे में भुगतान; 3574 केंद्र तैयार, किसानों को बड़ी राहत

लखनऊ। Uttar Pradesh में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद का सीजन सोमवार से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार ने इस बार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

सरकार को किसानों का भरपूर सहयोग भी मिल रहा है। खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जो इस बार की खरीद व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

3574 क्रय केंद्र तैयार, कुल 6500 का लक्ष्य

प्रदेश में इस बार कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 3574 केंद्र तैयार हो चुके हैं। खाद्य एवं रसद विभाग समेत कुल 8 एजेंसियां इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।

MSP बढ़कर ₹2585 प्रति कुंतल

इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले ₹160 अधिक है। यह वृद्धि किसानों के लिए राहत भरी खबर है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खरीद के दौरान कोई बिचौलिया हस्तक्षेप न करे, इसलिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।

 

48 घंटे में भुगतान का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाए।

यह कदम किसानों को समय पर पैसा उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

शुरुआत में सरकार ने 30 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन अच्छी फसल को देखते हुए इसे बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।

कृषि विभाग के अनुसार इस बार मौसम अनुकूल रहा और किसानों ने बेहतर गुणवत्ता की फसल तैयार की है। सरकार चाहती है कि अधिकतम मात्रा में खरीद हो, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।

किसानों के लिए अतिरिक्त ₹20 प्रति कुंतल

सरकार ने किसानों को राहत देते हुए उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति कुंतल अतिरिक्त देने का फैसला किया है। इससे किसानों के परिवहन और श्रम खर्च में कुछ राहत मिलेगी।

क्रय केंद्रों पर सुविधाओं का विशेष ध्यान

मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा, अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि खरीद प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी हो, जिससे किसानों को लाइन में ज्यादा समय न लगाना पड़े।

ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे सरकार के आधिकारिक पोर्टल fcs.up.gov.in या “UP Kisan Mitra” ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं।

सरकार ने साफ किया है कि बिना पंजीकरण के गेहूं खरीद संभव नहीं होगी। किसी भी समस्या के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं।

किसानों का बढ़ता भरोसा

इस बार बड़ी संख्या में किसानों द्वारा पहले से पंजीकरण कराना इस बात का संकेत है कि सरकार की नीतियों पर उनका भरोसा बढ़ा है। डिजिटल सिस्टम और समय पर भुगतान की व्यवस्था ने इस विश्वास को और मजबूत किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह पारदर्शिता बनी रही, तो आने वाले वर्षों में और अधिक किसान सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ेंगे।

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