मुंबई: में इन दिनों अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर काफी चर्चा है। यह फिल्म कॉमेडी और हॉरर के अनोखे मिश्रण के साथ दर्शकों को एक नया अनुभव देने का दावा कर रही है। फिल्म की स्टारकास्ट और निर्देशक ने हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए इसके आइडिया, शूटिंग अनुभव और फिल्म के ट्रीटमेंट को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने बताया कि ‘भूत बंगला’ का आइडिया उन्हें प्रोड्यूसर की तरफ से मिला था। शुरुआत में यह एक साधारण स्टोरीलाइन थी, लेकिन इसमें संभावनाएं काफी थीं। इसी वजह से टीम ने इस कहानी को कई बार री-राइट किया, ताकि इसे एक परफेक्ट एंटरटेनर बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि कॉमेडी और हॉरर का संतुलन बनाना बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि दोनों ही जॉनर की अपनी अलग मांग होती है। लेकिन टीम ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहानी को इस तरह तैयार किया कि दर्शकों को हंसी के साथ-साथ सस्पेंस और डर का भी अनुभव मिले।
अक्षय कुमार का लॉजिक पर फोकस
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अक्षय कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा ध्यान “लॉजिक” पर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अक्सर हॉरर फिल्मों में लॉजिक की कमी रह जाती है, लेकिन ‘भूत बंगला’ में इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि कहानी विश्वसनीय लगे।
अक्षय ने बताया कि उन्हें यह आइडिया पहले सुनाया गया, जिसके बाद उन्होंने निर्देशक के साथ मिलकर इसे डेवलप किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में कॉमेडी, हॉरर और लॉजिक—तीनों का सही मिश्रण दर्शकों को एक अलग अनुभव देगा।

सेट से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
शूटिंग के दौरान के अनुभव साझा करते हुए अक्षय कुमार ने एक रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि मुंबई के मड आइलैंड में एक बंगला है, जहां शूटिंग के दौरान “भूत” होने की अफवाह फैली हुई थी।
लोग रात में वहां शूटिंग करने से डरते थे और आमतौर पर रात 1 बजे तक ही काम खत्म कर लिया जाता था। कई लोगों ने दावा किया था कि उन्होंने वहां भूत देखा है, यहां तक कि केयरटेकर भी इस बात की पुष्टि करता था।
हालांकि, बाद में सच्चाई सामने आई कि वही केयरटेकर खुद भूत बनकर लोगों को डराता था, ताकि बंगला बिक न सके। यह खुलासा सुनकर सभी हैरान रह गए और यह किस्सा फिल्म की टीम के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वामिका गब्बी का अनुभव
फिल्म की अभिनेत्री वामिका गब्बी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस फिल्म ने उन्हें काम को शांत रहकर एंजॉय करना सिखाया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान टीम के बीच काफी मस्ती और प्रैंक्स होते थे, जिससे माहौल हल्का-फुल्का बना रहता था।
वामिका ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए एक सीखने वाला अनुभव रही, जहां उन्होंने न केवल अभिनय में सुधार किया, बल्कि काम के प्रति अपने नजरिए को भी बदला।
नई पीढ़ी और बदलता सिनेमा
बातचीत के दौरान कलाकारों ने आज के दौर में बदलते सिनेमा, ओटीटी प्लेटफॉर्म और जेन-जी ऑडियंस पर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि आज के दर्शक ज्यादा समझदार और एक्सपेरिमेंटल हो गए हैं, जो नई तरह की कहानियों को पसंद करते हैं।
साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। टीम का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल फिल्म निर्माण में मददगार है, लेकिन असली क्रिएटिविटी और इमोशन अब भी इंसानों से ही आते हैं।
फ्रेश ट्रीटमेंट का वादा
‘भूत बंगला’ को लेकर मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म दर्शकों को एक फ्रेश और अलग अनुभव देगी। इसमें न केवल कॉमेडी और हॉरर का संतुलन होगा, बल्कि कहानी का ट्रीटमेंट भी पारंपरिक फिल्मों से अलग होगा।