टी-20 वर्ल्ड कप: के सुपर-8 चरण में भारत ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। चेन्नई के ऐतिहासिक एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी।
इस जीत के साथ जिम्बाब्वे सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका नॉकआउट राउंड में पहुंच गया। भारत अब सेमीफाइनल से महज एक जीत दूर है।
टॉस और मैच की शुरुआत
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका मानना था कि चेपॉक की पिच पर शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस रणनीति को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
ओपनिंग जोड़ी ने तेज शुरुआत दी और पावरप्ले में ही रन गति को 10 के पार पहुंचा दिया। शुरुआती ओवरों में जिम्बाब्वे के गेंदबाज लाइन-लेंथ तलाशते नजर आए।
अभिषेक और पंड्या की धमाकेदार पारियां
भारत की ओर से युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 55 रन की आक्रामक पारी खेली। उन्होंने पावरप्ले में कई आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी पारी में चौकों और छक्कों की झड़ी लगी, जिससे भारत को मजबूत शुरुआत मिली।
मध्यक्रम में आए हार्दिक पंड्या ने नाबाद 50 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। पंड्या ने आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए रन गति को और तेज किया। उनकी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
तिलक वर्मा ने भी नाबाद 44 रन बनाकर पारी को मजबूती दी। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए पंड्या का अच्छा साथ निभाया और अंतिम ओवरों में तेजी दिखाई।
256 रन का पहाड़
भारत का 256 रन का स्कोर इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्कोरों में शामिल हो गया। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों में रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी, तिनोतेंदा मपोसा और सिकंदर रजा को एक-एक विकेट मिला, लेकिन वे रन गति पर अंकुश नहीं लगा सके।
ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी
257 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत धीमी रही। पावरप्ले में टीम केवल 44 रन ही बना सकी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे दबाव बढ़ता गया।
हालांकि ओपनर ब्रायन बेनेट ने शानदार संघर्ष दिखाया। उन्होंने नाबाद 97 रन की पारी खेली और शतक से सिर्फ 3 रन दूर रह गए। बेनेट ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
कप्तान सिकंदर रजा ने 31 रन बनाए, लेकिन वे बड़ी पारी नहीं खेल सके। मिडिल ओवर्स में विकेट गिरने से जिम्बाब्वे की रन गति धीमी पड़ गई।
अर्शदीप की धारदार गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उन्होंने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को एक-एक विकेट मिला। जसप्रीत बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी कर रन गति को नियंत्रित रखा।
भारत की जीत से दक्षिण अफ्रीका को फायदा
भारत की इस जीत का असर पॉइंट्स टेबल पर भी पड़ा। जिम्बाब्वे अब नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो गया है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
वेस्टइंडीज की हार के बाद अब उसका भारत के खिलाफ अगला मैच करो या मरो का बन गया है। सुपर-8 चरण रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11
भारत: संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।
जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमनी, सिकंदर रजा (कप्तान), रायन बर्ल, डायन मायर्स, तिनोतेंदा मपोसा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्रैड इवांस, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी।
मैच का टर्निंग पॉइंट
मैच का असली टर्निंग पॉइंट आखिरी पांच ओवर रहे, जहां पंड्या और तिलक ने तेजी से रन बटोरे। वहीं, जिम्बाब्वे की पारी में अर्शदीप का स्पेल निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने लगातार दो ओवरों में विकेट लेकर विपक्ष की उम्मीदें खत्म कर दीं।
भारत ने सुपर-8 में अपनी पहली जीत के साथ सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। बल्लेबाजी में विस्फोटक प्रदर्शन और गेंदबाजी में संतुलन ने टीम को 72 रन की बड़ी जीत दिलाई। अब भारत सेमीफाइनल से सिर्फ एक जीत दूर है। आने वाले मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया अंतिम चार में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी।