28 फरवरी को साणंद से निकलेगी ‘मेड इन इंडिया’ चिप: पीएम मोदी करेंगे माइक्रोन प्लांट का बड़ा लॉन्च

गुजरात: में सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को साणंद पहुंचेंगे, जहां वे देश के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट की पहली चिप लॉन्च करेंगे। यह प्लांट अमेरिकी माइक्रोचिप निर्माता कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा स्थापित किया गया है।

साणंद में माइक्रोन और उसके टेक्नोलॉजी पार्टनर की ओर से असेंबलिंग, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) यूनिट तैयार की जा रही है। इसे भारत की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट बताया जा रहा है। फिलहाल प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान किसी अन्य कार्यक्रम की सूचना नहीं है।

अमेरिका यात्रा के बाद मिला प्रोजेक्ट

जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान माइक्रोन कंपनी ने गुजरात में प्लांट लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की मौजूदगी में माइक्रोन के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए। अब करीब डेढ़ साल के भीतर यह परियोजना लॉन्चिंग के चरण में पहुंच चुकी है।

यह परियोजना भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मजबूती देने में यह यूनिट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गुजरात बना अग्रणी राज्य

गुजरात सरकार ने वर्ष 2022 से 2027 तक के लिए ‘गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27’ लागू की है। सेमीकंडक्टर नीति बनाने वाला गुजरात देश का पहला राज्य है। इस नीति के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

परियोजनाओं को कुल 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। भूमि खरीद पर शून्य स्टांप शुल्क की सुविधा दी गई है। साथ ही प्लांट को पहले पांच वर्षों तक 12 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य वैश्विक कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए प्रेरित करना है।

रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि साणंद में यह प्लांट शुरू होने से न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

भारत लंबे समय से चिप निर्माण के क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में प्रयासरत है। ऐसे में माइक्रोन की यह यूनिट ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए अहम मानी जा रही है।


निष्कर्ष:

28 फरवरी को साणंद में होने वाला यह लॉन्च केवल एक चिप का अनावरण नहीं, बल्कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ती है, तो भारत वैश्विक चिप निर्माण मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। अब सबकी नजर पीएम मोदी के दौरे और इस ऐतिहासिक लॉन्च पर टिकी है।

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