इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार को हुए भीषण आत्मघाती हमले में 11 सैनिकों की मौत हो गई। यह हमला बाजौर जिले में सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की संयुक्त चेक पोस्ट पर किया गया।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग Inter-Services Public Relations (ISPR) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार को चेक पोस्ट की दीवार से टकराकर उड़ा दिया, जिससे मौके पर तैनात 11 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई।
TTP पर आरोप, भारत का नाम भी घसीटा
पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के लिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) को जिम्मेदार ठहराया है।
ISPR के बयान में दावा किया गया कि हमलावर “इंडियन प्रॉक्सी टीटीपी” से जुड़े थे और भारत के समर्थन से इस हमले को अंजाम दिया गया। हालांकि भारत की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
12 हमलावरों को मार गिराने का दावा
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकवादियों को मार गिराया गया। बयान के मुताबिक, हमलावरों ने चेक पोस्ट में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों की गोलीबारी के बाद उन्होंने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को दीवार से टकरा दिया।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की रिहायशी इमारतों के शीशे टूट गए। सेना ने बताया कि हमले में एक आम नागरिक और एक छोटी बच्ची की भी मौत हुई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत सात लोग घायल हुए हैं।
इलाके में बड़े अभियान की घोषणा
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में “भारतीय समर्थित आतंकियों” के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सेना के मुताबिक, “अज्म-ए-इस्तेहकाम” के तहत काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन पहले से जारी हैं और इन्हें और तेज किया जाएगा।

केपी और बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में पिछले कुछ वर्षों से हिंसा में तेजी देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में केपी में हमलों में 1,620 मौतें हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 2,331 तक पहुंच गईं।
बाजौर के वार मामुंड तहसील में हाल ही में एक पुलिस स्टेशन पर हमले में स्टेशन हाउस ऑफिसर की भी मौत हुई थी।
इस महीने की शुरुआत में राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर हुए हमले में 36 लोगों की जान चली गई थी, जिससे देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सुरक्षा हालात पर बढ़ता दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के पश्चिमी प्रांतों में सक्रिय उग्रवादी गुटों ने सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लगातार हो रहे हमले सरकार और सेना पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, भारत पर लगाए गए आरोपों को लेकर क्षेत्रीय कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
Pakistan Bajaur Suicide Attack ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को उजागर कर दिया है। 11 सैनिकों की मौत और नागरिक हताहतों के बाद पाकिस्तानी सेना ने TTP पर आरोप लगाते हुए भारत का नाम भी लिया है।
आने वाले दिनों में सैन्य अभियानों की तीव्रता बढ़ सकती है, लेकिन क्षेत्र में शांति बहाल करना पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।