अब 8 घंटे पहले कैंसिल नहीं किया तो पैसा गया! रेलवे के नए नियम ने यात्रियों को चौंकाया

भारतीय रेलवे: ने टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे लाखों यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित हो सकती है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन नए नियमों की घोषणा की।

सबसे बड़ा बदलाव टिकट कैंसिलेशन के समय को लेकर किया गया है। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करना होगा, तभी उन्हें रिफंड मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है।

8 घंटे वाला नियम क्यों लाया गया?

रेल मंत्री ने बताया कि यह कदम टिकटों की कालाबाजारी और दलालों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। अक्सर एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और आखिरी समय में कैंसिल कर पैसा वापस ले लेते थे। इससे आम यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता था।

नए नियम के बाद अब आखिरी समय में टिकट कैंसिल कर रिफंड लेना आसान नहीं होगा, जिससे टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ कम होगी और जरूरतमंद यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

रिफंड के नए नियम समझिए

नए नियमों के तहत:

  • ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड मिलेगा
  • 24 से 8 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर लगभग 50% रिफंड दिया जाएगा
  • 8 घंटे के भीतर कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा

हालांकि कुछ स्थितियों में पुराने नियम लागू रहेंगे। यदि ट्रेन रद्द हो जाती है या 3 घंटे से अधिक लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल कर पूरा रिफंड पा सकते हैं।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत

रेलवे ने यात्रियों को एक अहम सुविधा भी दी है। अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं

पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे और लचीला बना दिया गया है। इससे खासकर बड़े शहरों में रहने वाले यात्रियों को फायदा होगा, जहां कई रेलवे स्टेशन होते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपने एक स्टेशन से टिकट बुक किया है लेकिन समय पर वहां पहुंचना मुश्किल हो रहा है, तो आप पास के दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं—बस समय रहते बोर्डिंग पॉइंट बदलना होगा।

कैसे बदलें बोर्डिंग स्टेशन?

यात्री निम्न माध्यमों से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं:

  • IRCTC Rail Connect ऐप
  • IRCTC वेबसाइट
  • रेलवे आरक्षण काउंटर

ध्यान रहे, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन में चढ़ नहीं पाएंगे।

वेटिंग टिकट पर भी राहत जारी

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहता है, तो वह स्वतः कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। यह नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा।

कब से लागू होंगे नए नियम?

रेलवे के अनुसार, ये बदलाव 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे, ताकि सिस्टम को सुचारू रूप से अपडेट किया जा सके।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?

इन नए नियमों से जहां एक ओर दलालों पर शिकंजा कसेगा, वहीं यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पहले से ज्यादा सावधानी से बनानी होगी। आखिरी समय पर टिकट कैंसिल करने की आदत रखने वाले यात्रियों को अब नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भारतीय रेलवे के नए नियम यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव हैं। जहां रिफंड पॉलिसी सख्त हुई है, वहीं बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा ने यात्रियों को राहत दी है। अब यह यात्रियों पर निर्भर करेगा कि वे इन नियमों के अनुसार अपनी यात्रा योजना बनाकर अनावश्यक नुकसान से बचें।

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