उत्तर प्रदेश: के Gonda जिले में पिछले कुछ दिनों से एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं। ग्रामीण इलाकों में गैस की कमी की शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी Priyanka Niranjan ने जिले की चारों तहसीलों के उप जिलाधिकारियों (SDM) को गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने और स्टॉक तथा वितरण रजिस्टर की जांच करने के निर्देश दिए।
डीएम के आदेश के बाद प्रशासनिक टीमों ने जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों पर अचानक छापेमारी की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलेंडरों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और रिकॉर्ड की गहन जांच की। इस दौरान कई एजेंसियों पर लापरवाही भी सामने आई, जिस पर अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर को बारीकी से जांचा। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता था कि कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी तो नहीं हो रही है और सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं।
इसी क्रम में एसडीएम Neha Mishra ने कटरा बाजार स्थित अन्नपूर्णा गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। यहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एजेंसी का सर्वर काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण गैस लेने आए लोगों की लंबी कतार लग गई थी और काफी भीड़ जमा हो गई थी।
एसडीएम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद एजेंसी संचालक को तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम नेहा मिश्रा ने एजेंसी संचालक को स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि एजेंसी के बाहर भीड़ न लगे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं का सत्यापन करने के बाद सिलेंडर सीधे उनके घर तक पहुंचाए जाएं। इससे एक ओर भीड़ कम होगी और दूसरी ओर गैस वितरण की प्रक्रिया भी सुचारु रूप से चल सकेगी।
एसडीएम ने एजेंसी संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उपभोक्ताओं को परेशान करने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक मार्केटिंग पर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने साफ किया है कि गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को चेतावनी दी कि यदि कहीं भी कालाबाजारी की सूचना मिली तो तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने भंडारण कक्ष का भी निरीक्षण किया। वहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर भरे हुए पाए गए। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि इन सिलेंडरों का तुरंत वितरण किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
सर्वर खराब होने से बढ़ी परेशानी
एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि फिलहाल कई एजेंसियों पर सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी वजह से कुछ स्थानों पर गैस लेने वालों की भीड़ बढ़ गई है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस की कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा
जिला प्रशासन का कहना है कि गैस एजेंसियों के निरीक्षण की यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भी अधिकारियों की टीमें अलग-अलग एजेंसियों का औचक निरीक्षण करती रहेंगी।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति न बने।
निष्कर्ष
गोंडा जिले में गैस सिलेंडर को लेकर बढ़ती भीड़ और शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। एसडीएम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में सतर्कता बढ़ी है। प्रशासन का कहना है कि यदि कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या लापरवाही पाई गई तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए होम डिलीवरी व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।