उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर एक अनोखी पहल देखने को मिली, जब मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे शहर में बाइक रैली निकाली। यह रैली न सिर्फ जागरूकता का संदेश देने के लिए थी, बल्कि समाज में महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
शुक्रवार देर शाम, चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन इस विशेष अभियान का आयोजन किया गया। रैली की शुरुआत गोंडा के अंबेडकर चौराहे से हुई, जहां देवी पाटन रेंज के आईजी अमित पाठक और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया।
शहरभर में दिखा महिला सशक्तिकरण का जज्बा
रैली में शामिल महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर लोगों को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी और बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर पुलिस उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।
इस दौरान महिला हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
सीओ और थाना अध्यक्ष खुद मैदान में उतरीं
इस अभियान की खास बात यह रही कि सीओ सदर शिल्पा वर्मा और महिला थाना अध्यक्ष अनीता यादव खुद स्कूटी पर सवार होकर रैली में शामिल हुईं।
उन्होंने विभिन्न स्थानों पर रुककर महिलाओं से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

सोशल मीडिया अपराधों को लेकर भी चेतावनी
रैली के दौरान पुलिस अधिकारियों ने खासतौर पर सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों पर भी ध्यान दिलाया। महिलाओं को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से उन्हें परेशान करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मिशन शक्ति का उद्देश्य
आईजी अमित पाठक ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यह रैली सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदलने का प्रयास है।
वहीं एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि पुलिस लगातार अलग-अलग माध्यमों से महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रख पाती हैं।
बाजारों और स्कूलों में भी पहुंची टीम
रैली के दौरान पुलिस टीम ने बाजारों में खरीदारी करने आई महिलाओं और छात्राओं से भी बातचीत की। उन्हें सुरक्षा के टिप्स दिए गए और बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
इसके अलावा, बालिकाओं को उनके अधिकारों और आत्मरक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
समाज में सकारात्मक संदेश
इस पहल से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि महिलाएं अब सिर्फ सुरक्षा की मांग करने वाली नहीं, बल्कि खुद अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम भी हैं।
गोंडा में आयोजित इस रैली ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है।