उत्तर प्रदेश: के Gonda जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई हैं। 18 फरवरी से शुरू हुई ये परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त हुईं। इस दौरान जिले के कुल 151 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा के दौरान कुल 95,993 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 89,555 छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि 6,438 छात्र अनुपस्थित रहे। इसके अलावा परीक्षा के दौरान दो ‘मुन्ना भाई’ भी पकड़े गए, जो दूसरे छात्रों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
हाईस्कूल में 3,354 छात्र अनुपस्थित
जिले में हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 50,375 छात्र पंजीकृत थे। इनमें से 47,021 छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया, जबकि 3,354 छात्र अनुपस्थित पाए गए।
हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई ताकि नकल या किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करती रही।
इंटरमीडिएट में 3,084 छात्र नहीं पहुंचे
इसी तरह इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 45,618 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 42,534 छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि 3,084 छात्र अनुपस्थित रहे।
इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान भी सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा कक्षों में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती के साथ-साथ निगरानी टीम भी लगातार सक्रिय रही।
दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए ‘मुन्ना भाई’
परीक्षा के दौरान दो सॉल्वर यानी ‘मुन्ना भाई’ भी पकड़े गए। इनमें एक युवक और एक युवती शामिल थे। दोनों दूसरे छात्रों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे।
जांच के दौरान उनकी पहचान उजागर हुई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना क्षेत्रों में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में था गोंडा जिला
इस वर्ष Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad और राज्य सरकार ने गोंडा जिले को ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में रखा था।
इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए Uttar Pradesh Special Task Force (यूपी एसटीएफ), जिला प्रशासन और स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीमों को भी लगाया गया था।
बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट और निरीक्षक तैनात
परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
पूरे जिले में 151 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 151 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब 4,700 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो परीक्षा कक्षों में निगरानी कर रहे थे।
जिले को प्रशासनिक निगरानी के लिए 4 जोन और 18 सेक्टर में विभाजित किया गया था। प्रत्येक जोन में एक जोनल मजिस्ट्रेट और प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
शिक्षा विभाग ने जताई संतोष
जिला विद्यालय निरीक्षक Dr Ramchandra ने बताया कि जिले में कुल 95,993 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 89,555 छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि 6,438 छात्र अनुपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में गोंडा जिले को ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में नहीं रखा जाएगा और परीक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।
परीक्षा प्रक्रिया रही शांतिपूर्ण
परीक्षा के दौरान जिले में कहीं भी किसी बड़े विवाद या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता के कारण सभी केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली।
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी और तय समय के अनुसार परिणाम घोषित किए जाएंगे।