बेंगलुरु: के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब हर मैच एक खास वजह से यादगार रहेगा। यहां 11 सीटें हमेशा खाली रहेंगी—उन 11 लोगों की याद में, जिन्होंने पिछले साल हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे में अपनी जान गंवाई थी। यह पहल क्रिकेट जगत में श्रद्धांजलि देने के सबसे अनूठे तरीकों में से एक मानी जा रही है।
यह निर्णय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने मिलकर लिया है। इसके तहत न सिर्फ सीटें खाली रखी जाएंगी, बल्कि स्टेडियम के एंट्री गेट पर एक स्मारक पट्टिका भी लगाई जाएगी, ताकि आने वाले हर दर्शक इस घटना को याद रख सके।
हर मैच से पहले एक मिनट का मौन
इस पहल के तहत IPL और इंटरनेशनल दोनों तरह के मैचों से पहले एक मिनट का मौन रखा जाएगा। इस दौरान मैदान पर मौजूद दोनों टीमें और दर्शक मिलकर उन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देंगे। इसके साथ ही, पीड़ितों के नाम भी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
यह कदम खेल के साथ मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
2025 की दर्दनाक घटना की याद
यह फैसला 4 जून 2025 को हुए उस हादसे के बाद लिया गया है, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पहली IPL जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसी दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए।
RCB ने उस सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था, लेकिन जीत का जश्न कुछ ही समय में मातम में बदल गया।

“याद रखना जरूरी, भूलना नहीं”
KSCA के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस पहल पर कहा कि इस घटना को याद करना दर्दनाक जरूर है, लेकिन उन लोगों को सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस स्मारक को बनाने पर काफी समय से चर्चा चल रही थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल पुराने जख्मों को कुरेदने के लिए नहीं, बल्कि पीड़ितों को सम्मान देने के लिए की जा रही है।
हिल्सबरो मेमोरियल से प्रेरणा
स्टेडियम के गेट पर लगाई जाने वाली स्मारक पट्टिका इंग्लैंड के प्रसिद्ध हिल्सबरो मेमोरियल की तर्ज पर बनाई जा रही है। यह मेमोरियल 1989 में हुए हिल्सबरो आपदा के पीड़ितों की याद में बनाया गया था, जिसमें 97 फुटबॉल फैंस की मौत हो गई थी।
बेंगलुरु का यह स्मारक भी उसी तरह स्थायी श्रद्धांजलि का प्रतीक बनेगा।
हादसे के बाद स्टेडियम पर लगा था प्रतिबंध
भगदड़ की घटना के बाद स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। जांच के लिए गठित जस्टिस जॉन माइकल डी कुन्हा कमेटी ने इसे बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित बताया था, जिसके चलते यहां मैचों के आयोजन पर रोक लगा दी गई थी।
इसका असर कई बड़े टूर्नामेंट्स पर पड़ा। आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 के मुकाबले बेंगलुरु से हटाकर दूसरे शहरों में कराए गए, जबकि घरेलू लीग भी शिफ्ट करनी पड़ी।
IPL 2026 के लिए मिली मंजूरी
हालांकि अब हालात सामान्य हो चुके हैं और सरकार ने स्टेडियम में फिर से मैच कराने की अनुमति दे दी है। IPL 2026 का आगाज 28 मार्च से होगा और पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच इसी स्टेडियम में खेला जाएगा।
BCCI द्वारा जारी शुरुआती शेड्यूल में बेंगलुरु को दो मैच मिले हैं, जो सरकार की अनुमति पर निर्भर थे।
खेल और संवेदनशीलता का संगम
यह पहल सिर्फ एक औपचारिक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि खेल और समाज के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। हर खाली सीट उस दर्दनाक घटना की याद दिलाएगी और यह संदेश देगी कि खेल सिर्फ जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि इंसानियत का भी हिस्सा है।
निष्कर्ष
चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटों को हमेशा खाली रखने का फैसला एक संवेदनशील और प्रेरणादायक कदम है। यह न सिर्फ पीड़ितों को सम्मान देता है, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों से सीख लेने का भी संदेश देता है। खेल के मैदान पर यह पहल एक नई मिसाल कायम कर रही है।