राजस्थान: के Barmer में पत्नी पर गोली चलाने के मामले में अदालत ने दोषी पति को 10 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला Additional District and Sessions Court Barmer की अदालत ने सुनाया।
करीब 13 साल पुराने इस मामले में अदालत ने आरोपी को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
फैसले के बाद आरोपी का व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया। कोर्ट से बाहर लाते समय वह मीडिया को देखकर हंसने लगा और बोला—“इतना क्या बड़ा क्राइम कर दिया, सब लगे हो।”
2011 में हुई थी लव मैरिज
मामले की जानकारी देते हुए सरकारी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहीं Anamika Sadu ने बताया कि पीड़िता Kirtika Paliwal ने 21 जून 2013 को पुलिस में बयान दर्ज कराया था।
उन्होंने बताया था कि उनकी लव मैरिज वर्ष 2011 में Sunil Meena निवासी Jagatpura के साथ हुई थी।
शादी के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब एक साल बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा।
बाड़मेर में पोस्टल इंस्पेक्टर थी पत्नी
घटना के समय पीड़िता बाड़मेर में पोस्टल इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। वह Postal Colony Barmer में अकेले रहती थीं।
21 जून 2013 की सुबह करीब 10:15 बजे जब वह ऑफिस जाने के लिए घर से निकलीं, उसी दौरान उनके पति जयपुर से बाड़मेर पहुंच गए।
कार से टक्कर मारकर की फायरिंग
शिकायत के अनुसार आरोपी ने पहले अपनी कार से पीड़िता की कार को टक्कर मारी। जब पीड़िता ने कार को पीछे कर निकलने की कोशिश की तो आरोपी गाड़ी से उतर गया।
उसने कार का शीशा तोड़ दिया और पिस्टल निकालकर पत्नी पर गोली चला दी। इस फायरिंग में गोली पीड़िता की कलाई पर लगी।
पीड़िता वहां से भागने लगीं तो आरोपी ने उन्हें आत्महत्या करने की धमकी दी।
जोधपुर रोड पर दोबारा फायर
सरकारी वकील के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को अपनी कार में बैठाया और Jodhpur Road Barmer की ओर ले गया।
वहां आरोपी ने दोबारा गोली चलाई, लेकिन गोली पीड़िता के सिर को छूते हुए निकल गई।
खुद की कनपटी पर भी मारी गोली
घटना के बाद आरोपी ने खुद की कनपटी पर भी गोली चलाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि इस घटना में दोनों की जान बच गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
अदालत में पेश हुए गवाह और साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
इसके अलावा 47 दस्तावेज और 3 महत्वपूर्ण आर्टिकल भी साक्ष्य के रूप में पेश किए गए।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने सुनाया फैसला
इस मामले में Piyush Chaudhary ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
अदालत ने आरोपी को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी।
फैसले के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।