“भारत की सैन्य ताकत में इजाफा: ₹2.38 लाख करोड़ के सौदे, S-400 को मंजूरी”

भारत: की सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दे दी है, जिससे सेना की क्षमताओं में व्यापक इजाफा होने की उम्मीद है।

इस फैसले के साथ ही आधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस होने की दिशा में भारत ने एक और मजबूत कदम बढ़ाया है।

बड़े रक्षा सौदों को मिली मंजूरी

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, टैंक रोधी हथियार, उन्नत संचार प्रणाली और निगरानी उपकरण शामिल हैं।

इसके अलावा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खरीद को भी हरी झंडी दी गई है, जो भारत की वायु सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

एयर डिफेंस सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा

मंजूर किए गए प्रस्तावों में एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम प्रमुख है।

यह सिस्टम रियल-टाइम में वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग की क्षमता देगा। इससे दुश्मन के हवाई हमलों को समय रहते पहचानने और जवाब देने में मदद मिलेगी।

संचार और निगरानी होगी मजबूत

उच्च क्षमता वाले रेडियो रिले सिस्टम की खरीद से सेना के संचार नेटवर्क को और मजबूत बनाया जाएगा।

यह सिस्टम सुरक्षित और त्रुटिरहित संचार सुनिश्चित करेगा, जो युद्ध के समय बेहद अहम होता है।

इसके अलावा रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम से सेना की निगरानी क्षमता भी बढ़ेगी।

तोपखाने और टैंक क्षमता में इजाफा

‘धनुष गन सिस्टम’ की खरीद से भारतीय सेना के तोपखाने को बड़ी मजबूती मिलेगी।

यह सिस्टम लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है, जिससे युद्धक्षेत्र में प्रभावशीलता बढ़ेगी।

वहीं, आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन से टैंक रोधी क्षमता को और धार मिलेगी।

S-400 से मजबूत होगी वायु रक्षा

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पहले से ही भारत की सुरक्षा का अहम हिस्सा है।

इसकी अतिरिक्त खरीद से देश की वायु रक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी, जिससे किसी भी हवाई खतरे से निपटने की क्षमता बढ़ेगी।

आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

इन रक्षा सौदों को भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के तहत भी अहम माना जा रहा है।

सरकार का फोकस घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर है।

इससे न केवल सेना मजबूत होगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।

रणनीतिक दृष्टि से अहम फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण है।

आधुनिक युद्ध में तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता अहम होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए ये खरीदारी की जा रही है।

कुल मिलाकर, 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी भारत की सैन्य ताकत को नई दिशा देने वाला कदम है।

इससे सेना की क्षमताएं बढ़ेंगी और देश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

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