गुजरात का ऐतिहासिक फैसला! देश का पहला 4-लेन एक्सप्रेसवे होगा 6-लेन, NHAI का मेगा प्लान तैयार

अहमदाबाद/वडोदरा। गुजरात में बुनियादी ढांचे को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। देश के पहले 4-लेन एक्सप्रेसवे अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे (NE-1) को अब 6-लेन किया जाएगा। यह निर्णय National Highways Authority of India (NHAI) ने लिया है।

इस परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद हरी झंडी मिली है। NHAI ने इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को टेंडर जारी कर दिया है।


🛣️ 21 साल से ‘गेमचेंजर’ है NE-1

अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे, जिसे नेशनल एक्सप्रेसवे-1 (NE-1) कहा जाता है, का उद्घाटन 2004 में गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना के तहत हुआ था। उस समय केंद्र में Atal Bihari Vajpayee की सरकार थी।

इसे महात्मा गांधी एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। 93.302 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर अहमदाबाद, नाडियाड, आनंद और वडोदरा को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को 2.5 घंटे से घटाकर लगभग 1 घंटा कर दिया था।


🚗 क्यों बढ़ानी पड़ी क्षमता?

पिछले दो दशकों में तेज शहरीकरण, औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी के कारण ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है।

  • प्रतिदिन लगभग 51,000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।

  • यह एक्सप्रेसवे मुंबई-दिल्ली के बीच विकसित हो रहे NE-4 को भी क्रॉस करता है।

  • बढ़ते ट्रैफिक के कारण जाम और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सामने आ रही थीं।

इन्हीं कारणों से इसे 6-लेन करने का फैसला लिया गया है।


📈 क्या होगा फायदा?

  • ट्रैफिक जाम में कमी

  • सड़क सुरक्षा में सुधार

  • लॉजिस्टिक्स मूवमेंट तेज

  • अहमदाबाद-वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर में बेहतर कनेक्टिविटी

  • 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बढ़ी क्षमता

NHAI के अनुसार, मौजूदा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 50 मीटर जमीन पहले से उपलब्ध है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे परियोजना तेजी से पूरी हो सकेगी।


🔧 DPR और अगला कदम

NHAI ने प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए DPR तैयार करने का टेंडर जारी कर दिया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की टाइमलाइन और लागत का अनुमान सामने आएगा।

फिलहाल एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य भी चल रहा है, ताकि चौड़ीकरण से पहले सड़क की मौजूदा स्थिति बेहतर की जा सके।

गुजरात का अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे (NE-1) एक बार फिर बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई मिसाल बनने जा रहा है। National Highways Authority of India के इस फैसले से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

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