Maithili Thakur in Jaipur: ‘ट्रोलर्स को नमस्कार करके जवाब देती हूं’ — कम उम्र में राजनीति से सीख रही हूं बहुत कुछ

बिहार: की प्रसिद्ध लोक गायिका और दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक Maithili Thakur शनिवार को Jaipur पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने गायन करियर, राजनीति में आए बदलाव और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की।

मैथिली ठाकुर अपने दोनों भाइयों Rishabh Thakur और Ayachi Thakur के साथ जयपुर आई हैं। यहां वे ‘यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची हैं, जहां उनका विशेष कंसर्ट आयोजित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम Rajasthan Tourism Department, Department of Art and Culture Rajasthan, रंग मस्ताने और Rajasthan International Centre के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

कम उम्र में राजनीति में आने से सीखने का मौका

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मैथिली ठाकुर ने कहा कि गायकी से लेकर राजनीति तक का उनका सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में राजनीति में आने के कारण उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है।

मैथिली ने कहा, “अभी मैं राजनीति के शुरुआती दौर में हूं और बहुत कुछ सीख रही हूं। कई वरिष्ठ लोग मुझे गाइड करते हैं। मुझे लगता है कि यह समय लोगों के लिए काम करने और उनकी सेवा करने का सबसे अच्छा मौका है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद उन्हें समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने का अवसर मिला है।

ट्रोलर्स को ‘नमस्कार’ करके देती हूं जवाब

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर मैथिली ठाकुर ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह ट्रोलर्स को नमस्कार करके जवाब देती हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे अच्छा लगता है। मैं इसे ज्यादा महत्व नहीं देती। सोशल मीडिया पर हर तरह की प्रतिक्रिया आती है, लेकिन सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना ज्यादा जरूरी है।”

मैथिली का यह जवाब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है और कई लोग उनके इस शांत स्वभाव की तारीफ भी कर रहे हैं।

लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता

विधायक बनने के बाद उनके पास बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इस पर मैथिली ठाकुर ने कहा कि उन्हें अच्छा लगता है जब लोग भरोसा करके उनके पास आते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं कोशिश करती हूं कि मौके पर ही समस्याओं का समाधान हो जाए। जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सकती है, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है।”

मैथिली संगीत के लिए बनाना चाहती हैं बड़ा संस्थान

मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह अपने राज्य में संगीत को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा संस्थान खोलना चाहती हैं।

उन्होंने बताया कि बिहार में कई प्रतिभाशाली बच्चे हैं जो संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें दिल्ली या मुंबई जाना पड़ता है।

मैथिली ने कहा, “मेरा सपना है कि बिहार में एक ऐसा बड़ा संस्थान बने, जहां बच्चों को संगीत की बेहतर शिक्षा मिल सके और उन्हें बाहर जाने की जरूरत न पड़े।”

पिता से मिली संगीत की पहली सीख

अपने संगीत करियर की शुरुआत के बारे में बताते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि उन्होंने संगीत की पहली शिक्षा अपने पिता से ही ली।

उन्होंने बताया कि उनके पिता संगीत के क्षेत्र में लंबे समय से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत सीखने और सिखाने में बिताया है।

मैथिली ने कहा, “पापा घर में पिता की तरह रहते हैं, लेकिन जब वे संगीत सिखाने बैठते हैं तो पूरी तरह अनुशासन के साथ सिखाते हैं। उनसे ही मुझे संगीत की असली समझ मिली।”

नीतीश कुमार की विदाई का पल भावुक करने वाला था

बिहार की राजनीति में हो रहे बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मैथिली ठाकुर ने कहा कि राज्य की राजनीति तेजी से बदल रही है।

उन्होंने बताया कि जब Nitish Kumar ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया और विधानसभा में उनका आखिरी दिन था, तो वह पल काफी भावुक था।

मैथिली ने कहा, “हम सभी के मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। उस दिन कई लोग मजबूत दिखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आंखों में आंसू आ ही रहे थे।”

उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को जिस तरह संभाला, उससे लोगों के मन में आत्मविश्वास आया है।

मैथिली ने याद करते हुए कहा कि पहले कई लोग खुद को बिहारी कहने में हिचकते थे, लेकिन अब लोग गर्व के साथ कहते हैं कि वे बिहार से हैं।

लोक गायिका से विधायक बनीं मैथिली ठाकुर आज कला और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। जयपुर में दिए गए उनके इस इंटरव्यू से साफ है कि वह राजनीति में सीखने और समाज के लिए काम करने को लेकर गंभीर हैं। वहीं संगीत को बढ़ावा देने के लिए संस्थान खोलने का उनका सपना भी आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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