दौसा। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राजस्थान के दौसा जिले के पांच होनहार युवाओं ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि ये सभी प्रतिभाएं छोटे गांवों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने में कामयाब हुई हैं।
इन सफल उम्मीदवारों में महवा क्षेत्र की तन्वी बमनावत, पचवारा के पंकज मीणा, गोयावास के सानिध्य मीणा, आंतरहेड़ा के अंकित जारवाल और लालसोट के अरनिया गांव के आशीष शर्मा शामिल हैं। परिणाम घोषित होते ही पूरे जिले में खुशी का माहौल बन गया। गांवों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
पहली ही कोशिश में तन्वी बमनावत ने मारी बाजी
महवा क्षेत्र के टीकरी जाफरान गांव की रहने वाली तन्वी बमनावत ने UPSC परीक्षा में 156वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में यह सफलता प्राप्त की है।
तन्वी की इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में गर्व का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तन्वी बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी रही हैं और हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही हैं।
पचवारा के पंकज मीणा ने हासिल की 841वीं रैंक
दौसा जिले के पचवारा क्षेत्र के नांगल राजावतान के प्यारीवास गांव के निवासी पंकज मीणा ने UPSC परीक्षा में 841वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी सफलता से पूरे पचवारा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
पंकज की मेहनत और संघर्ष की कहानी भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। ग्रामीणों और परिजनों ने उनकी सफलता पर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सानिध्य मीणा ने एसटी वर्ग में तीसरी रैंक हासिल की
महवा क्षेत्र के गोयावास गांव के रहने वाले सानिध्य मीणा ने UPSC परीक्षा में 480वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में तीसरी रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
सानिध्य के पिता बृज मोहन मीणा लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक्सईएन के पद पर कार्यरत हैं। परिवार ने सानिध्य की इस सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन का यह परिणाम है।
अंकित जारवाल ने दूसरे प्रयास में पाई सफलता
महवा क्षेत्र के आंतरहेड़ा गांव के निवासी अंकित जारवाल ने UPSC परीक्षा में 205वीं रैंक हासिल की है। यह उनका दूसरा प्रयास था। इससे पहले पहले प्रयास में उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हो चुका था।
अंकित के पिता जगमोहन मीणा शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां ललिता मीणा पोस्ट मास्टर के पद पर कार्यरत हैं। अंकित ने बताया कि इस सफलता के पीछे परिवार, गुरुओं और मामा राहुल मीणा (IFoS अधिकारी) का विशेष योगदान रहा है।
परीक्षा परिणाम घोषित होते ही आंतरहेड़ा गांव में खुशी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
सेल्फ स्टडी से आशीष शर्मा ने हासिल की सफलता
लालसोट क्षेत्र के अरनिया गांव के रहने वाले आशीष शर्मा ने UPSC परीक्षा में 722वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की।
आशीष ने खास बात यह बताई कि उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी से की। वर्तमान में वे सवाई माधोपुर जिले के बौंली क्षेत्र के एक स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2023 में वे शिक्षक बने थे।
आशीष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दोस्तों और परिवार के सदस्यों को दिया है।
गांवों में जश्न का माहौल
UPSC परिणाम घोषित होते ही दौसा जिले के विभिन्न गांवों में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता का जश्न मनाया।
लोगों का कहना है कि इन युवाओं की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला मिलेगा।