केरल: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत एक भावुक और मानवीय संदेश के साथ की। उन्होंने वर्चुअल सभा के दौरान अपनी मां Sonia Gandhi की देखभाल कर रही केरल की एक नर्स का जिक्र करते हुए नर्सों को राज्य की असली पहचान बताया।
अस्पताल से जुड़ा भावुक अनुभव
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बताया कि वह इन दिनों अस्पताल में अपनी मां के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बेटे की तरह वह भी अपनी मां की तबीयत को लेकर चिंतित थे।
उन्होंने कहा, “कल रात मैं अस्पताल में अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सो रहा था। हर बेटा अपनी मां की सेहत को लेकर परेशान होता है, मैं भी था। लेकिन मुझे सुकून एक चीज से मिला—केरल की एक नर्स से।”
राहुल ने बताया कि वह नर्स पूरी रात हर घंटे उनकी मां को देखने आती रही, उनका हाथ पकड़ती रही और मुस्कुराकर उन्हें संभालती रही। यह अनुभव उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।
नर्सों को बताया केरल की पहचान
राहुल गांधी ने कहा कि केरल की नर्सें सिर्फ राज्य में ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी सेवा के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया सोती है, तब केरल की महिलाएं—खासतौर पर नर्सें—लोगों की देखभाल में जुटी रहती हैं।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए यही केरल की पहचान है। ये नर्सें लाखों परिवारों को मुश्किल समय में सहारा देती हैं।”
आंकड़ों के अनुसार, केरल में करीब 5 लाख नर्सें रजिस्टर्ड हैं। वहीं देशभर में 10 लाख से ज्यादा और विदेशों में 20 लाख से अधिक केरल की नर्सें काम कर रही हैं।
चुनावी रणनीति का हिस्सा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान नर्स समुदाय को साधने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। केरल में स्वास्थ्य क्षेत्र और नर्सिंग सेक्टर का बड़ा प्रभाव है, और यह वर्ग चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है।

वर्चुअल रैली में चुनावी मुद्दे
राहुल गांधी को कोझिकोड में चुनावी रैली करनी थी, लेकिन अपनी मां की तबीयत के चलते वह वहां नहीं जा सके। इसके बजाय उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जनता को संबोधित किया।
अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशभर में 2 करोड़ नौकरियों का वादा किया था, जबकि केरल सरकार ने 40 लाख नौकरियों की बात कही थी। लेकिन 10 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को रोजगार नहीं मिला।
राहुल ने आरोप लगाया कि “न तो बीजेपी और न ही LDF सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।”
एजेंसियों के इस्तेमाल पर सवाल
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देशभर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने इसे “मिलीभगत का सबसे बड़ा सबूत” बताया।
कांग्रेस के वादे
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कई चुनावी वादे भी किए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो:
- महिलाओं के लिए मुफ्त KSRTC बस यात्रा
- कॉलेज जाने वाली छात्राओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक मदद
- वेलफेयर पेंशन को बढ़ाकर ₹3000 करना
- हर परिवार को ₹25 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस
- युवाओं को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज लोन
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष विभाग
सोनिया गांधी की सेहत अपडेट
इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने Sonia Gandhi की सेहत को लेकर जानकारी दी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है।
उन्हें पेट और यूरिनरी इन्फेक्शन की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राहुल गांधी लगातार उनके साथ अस्पताल में मौजूद हैं।
चुनावी तारीख
केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।
Rahul Gandhi का यह भावुक बयान न केवल व्यक्तिगत अनुभव को दर्शाता है, बल्कि चुनावी रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। केरल की नर्सों की तारीफ के जरिए उन्होंने एक बड़े वर्ग से जुड़ने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि इसका चुनावी असर कितना पड़ता है।