गगनदीप रंधावा केस में सियासत गरम: सुनील जाखड़ ने उठाई सुरक्षा की मांग, पत्नी के साहस को सलाम

पंजाब: के अमृतसर में डीएम गगनदीप रंधावा की मौत के बाद अब यह मामला राजनीतिक और सुरक्षा के मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Sunil Jakhar ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित परिवार को तुरंत सुरक्षा देने की मांग की है।

पठानकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान जाखड़ ने कहा कि गगनदीप रंधावा के परिवार को अब तक पर्याप्त सुरक्षा न मिलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को काफी समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

जाखड़ ने विशेष रूप से रंधावा की पत्नी Upinder Kaur के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह उपिंदर कौर बिना किसी डर या दबाव के अपने पति की मौत के इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही हैं, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।

नवरात्र के अवसर का जिक्र करते हुए जाखड़ ने इसे नारी शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष इस बात का उदाहरण है कि महिलाएं अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो सकती हैं और समाज को दिशा दे सकती हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा का है। जाखड़ ने कहा कि पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, जबकि दूसरी ओर संदिग्ध लोगों के समर्थन में नारेबाजी तक हो रही है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक कोई भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी परिवार से मिलने या उनकी सुरक्षा का आकलन करने नहीं पहुंचा है। ऐसे में परिवार को खुद अपने स्तर पर संघर्ष करना पड़ रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है।

जाखड़ के मुताबिक, रंधावा परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार पर दबाव बनाने, डराने और यहां तक कि लालच देने की कोशिशें भी की गई हैं। कुछ मामलों में गैंगस्टरों से धमकियों की बात भी सामने आई है।

इसके बावजूद, उपिंदर कौर अपने बच्चों के साथ मजबूती से खड़ी हैं और न्याय की लड़ाई जारी रखे हुए हैं। जाखड़ ने इसे असाधारण साहस बताया और कहा कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे जुड़े हुए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को कितनी जल्दी और प्रभावी सुरक्षा मिलती है। खासकर तब, जब उन्हें खुले तौर पर धमकियां मिल रही हों।

जाखड़ ने अंत में कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा दी जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

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