विधानसभा में बवाल! ‘पप्पू’ बयान पर भिड़े विधायक, खामेनेई पोस्टर से गरमाई राजनीति

श्रीनगर: में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब सदन के अंदर अचानक हंगामा और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ा कि विधायकों के बीच तीखी बहस हाथापाई तक पहुंच गई।

यह पूरा विवाद दो अलग-अलग मुद्दों—ईरान से जुड़े विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी पर टिप्पणी—को लेकर भड़का।

खामेनेई के पोस्टर लेकर पहुंचे विधायक

सत्र के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लेकर सदन में पहुंचे। उन्होंने पोस्टर लहराते हुए ईरान के समर्थन में नारेबाजी की।

इस कदम से सदन का माहौल अचानक गरमा गया और विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विधायकों के बीच हंगामा और प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के दौरान खामेनेई पोस्टर और राजनीतिक बयानबाजी से माहौल गरमाया

‘पप्पू’ बयान से भड़का विवाद

हंगामे के बीच विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “पप्पू” कहा।

इस बयान पर कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज भड़क गए। दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई।

सदन में मौजूद अन्य सदस्यों को बीच-बचाव करना पड़ा, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हो सकी।

सीएम उमर अब्दुल्ला का बयान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह ईरान पर युद्ध थोपा गया है, वह उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में हुई जानहानि की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। उनके मुताबिक, किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विधायकों के बीच हंगामा और प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के दौरान खामेनेई पोस्टर और राजनीतिक बयानबाजी से माहौल गरमाया

नेशनल कॉन्फ्रेंस का खुला समर्थन

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी ईरान के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से खामेनेई की मौत हुई, वह गंभीर मामला है और इसकी निंदा होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने देश की शीर्ष नेतृत्व से भी इस पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

कश्मीर में चंदा जुटाने की खबर

इसी बीच कश्मीर घाटी से एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, ईरान के समर्थन में करीब 18 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया गया है।

बताया जा रहा है कि इस फंड का बड़ा हिस्सा शिया समुदाय की ओर से आया है। बड़गाम जैसे शिया बहुल इलाकों से ही करीब 9.5 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस फंडरेजिंग को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल गलत गतिविधियों में किया जा सकता है।

हालांकि, स्थानीय स्तर पर इसे जकात और सदका के जरिए जरूरतमंदों की मदद के लिए जुटाया गया बताया जा रहा है।

दो मुद्दों ने गरमाया सदन

विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा में हुआ यह हंगामा सिर्फ एक मुद्दे तक सीमित नहीं था। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर भावनाएं भड़की हुई थीं, तो दूसरी ओर घरेलू राजनीति ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया।

इसी कारण मामूली बहस ने अचानक उग्र रूप ले लिया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हुआ यह घटनाक्रम बताता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और घरेलू राजनीति का असर किस तरह स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगता है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस देखने को मिल सकती है।

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